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91 लाख मजदूर पहुंचे घर, दिए 84 लाख मुफ्त खाने के पैकेट, SC में सरकार ने गिनाए ये आंकड़े

सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को प्रवासी मजदूरों के मसले पर सुनवाई हुई. सरकार की ओर से इस दौरान अदालत में बताया गया कि अबतक 91 लाख मजदूरों को शिफ्ट किया गया है.

प्रवासी मजदूरों पर SC में सुनवाई (PTI) प्रवासी मजदूरों पर SC में सुनवाई (PTI)

  • प्रवासी मजदूरों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
  • सरकार बोली- अबतक 91 लाख मजदूर घर पहुंचे

देश में कोरोना संकट के बीच प्रवासी मजदूरों को कोई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इसी मसले को लेकर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें सरकार की ओर से मौजूदा स्थिति के बारे में बताया गया. केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलीलें दीं, तो वहीं अदालत की ओर से भी इस दौरान रेल टिकटों, खाने की सुविधा को लेकर सवाल किए गए.

सरकार की ओर से अदालत में जो बड़ी बातें बताई गईं, उनपर नज़र डालें...

• 1 मई से 27 मई तक रेलवे ने 3700 ट्रेनें चलवाईं.

• इन ट्रेनों में अबतक 91 लाख मजदूरों को घर पहुंचाया गया.

• एक राज्य से दूसरे राज्य में ट्रेनों को दोनों की सहमति से भेजा जा रहा है.

• 84 लाख मजदूरों को रेलवे ने मुफ्त खाना मुहैया करवाया.

• वापस जाने वाले 80 फीसदी मजदूर उत्तर प्रदेश या बिहार के रहने वाले थे.

• मजदूरों को पानी, खाना रेलवे की ओर से मुफ्त में दिया जा रहा है.

• सिर्फ यूपी-बिहार के बीच 350 से अधिक ट्रेनों को चलाया गया है.

• श्रमिक ट्रेनों को तबतक चलाया जाएगा, जबतक सभी मजदूर घर ना पहुंच जाएं.

प्रवासी मजदूरों के मसले पर SC में सुनवाई जारी, सरकार बोली- हमने चलाईं 3700 ट्रेनें

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि टिकटों का पैसा कौन दे रहा है? इसपर सरकार ने कहा कि कुछ जगहों पर राज्य पैसा दे रहे हैं, जबकि कुछ राज्यों को रेलवे की ओर से रिइंबर्स किया जा रहा है.

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस कौल ने पूछा कि इस बात को कैसे पुख्ता किया जाए कि मजदूरों से पैसा नहीं मांगा जा रहा है और उन्हें किसी तरह की तकलीफ नहीं हो रही है. इसपर सॉलिसिटर जनरल की ओर से कहा गया कि हम इसपर पूरा जवाब देंगे, जिसके लिए हमें वक्त चाहिए.

पैदल चल रहे मजदूरों को लेकर सरकार की ओर से कहा गया कि पैदल चल रहे लोगों को सरकारी बसें उठाकर नजदीकी रेलवे स्टेशनों तक पहुंचा रही हैं, ताकि वो ट्रेन से जा सकें. हमें रिपोर्ट पेश करने दें, उसमें पूरा ब्यौरा है.

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