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भूख से युवक की मौत के बाद NHRC ने यूपी सरकार को थमाया नोटिस

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पिछले दिनों मीडिया रिपोर्ट में आई खबर पर स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है. खबरों के अनुसार सहारनपुर में 19 वर्षीय प्रवासी श्रमिक विपिन कुमार की लगातार चलने और भूख की वजह से मौत हो गई.

सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई) सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)

  • आयोग ने 4 हफ्ते में प्रवासी श्रमिकों पर तैयारी पर रिपोर्ट मांगी
  • विपिन ने लगातार 6 दिन चलते हुए 350 किलोमीटर की दूरी तय की
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सहारनपुर में भूख के कारण एक प्रवासी श्रमिक की मौत की सूचना के बाद उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है. यह प्रवासी श्रमिक लुधियाना से हरदोई स्थित अपने घर जाने के लिए पिछले छह दिन से पैदल चल रहा था.

मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट में आई खबर पर स्वतः संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को एक नोटिस जारी किया है. खबरों के अनुसार सहारनपुर में 19 वर्षीय प्रवासी श्रमिक विपिन कुमार की लगातार चलने और भूख की वजह से मौत हो गई. विपिन लुधियाना से पिछले 6 दिन से चलते हुए 350 किलोमीटर की दूरी तय कर चुका था और वह अपने गांव हरदोई जा रहा था.

यूपी सरकार से मांगी रिपोर्ट

आयोग ने राज्य सरकार से नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह में पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी है. नोटिस में कई राज्यों में अटके उत्तर प्रदेश के उन प्रवासी मजदूरों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी देने को कहा गया है जो अपने-अपने घरों को लौटना चाहते हैं. सरकार ने उनकी घर वापसी के अभियान को सरल बनाने के लिए उठाए गए कदमों पर भी जानकारी मांगी है.

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विपिन की मौत को मानवाधिकारों के उल्लंघन का एक गंभीर मुद्दा बताते हुए, आयोग ने माना कि ऐसा पहली बार नहीं है कि जब प्रवासी मजदूरों की दर्दनाक स्थितियों की घटना आई हो. कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन में घर के लिए पैदल चल रहे प्रवासी श्रमिकों को अपने सफर के दौरान बीमारी, सड़कों पर बच्चों का जन्म लेना और मौत जैसी कई दुखद घटनाएं घट चुकी है.

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लुधियाना में काम करता था विपिन

आयोग के नोटिस में कहा गया कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा पर प्रवासी मजदूरों को छायांकित आश्रय, भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है और वे बसों में यात्रा करेंगे. हालांकि, ऐसा लगता है कि सरकारी एजेंसियों द्वारा की गई घोषणाएं जमीनी स्तर पर लागू नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण प्रवासी मजदूर संकटों का सामना कर रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विपिन कुमार लुधियाना में एक दुकान पर काम करता था. उसने 12 मई, 2020 को पैदल ही हरदोई के सुरसा स्थित अपने घर की लंबी यात्रा की शुरुआत की थी, लेकिन छह दिनों तक बिना भोजन किए और 350 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने के बाद वह सहारनपुर के पास सड़क पर गिर गया. एक एंबुलेंस ने उसे सड़क पर गिरा देखा और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका. डॉक्टरों ने कहा कि वह भूख से मर गया.

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विपिन कुमार ने 12 मई, 2020 को अपने परिवार को सूचित किया था कि वह घर लौट रहा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उसके पिता ने बताया सरकारी परिवहनों में लंबा वक्त लगने के कारण विपिन के पास पैदल चलने के अलावा और कोई चारा नहीं था.

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मीडिया रिपोर्ट में आगे कहा गया कि परिवार को विपिन की बीमार हालत के बारे में सहारनपुर के अस्पताल से फोन आया था और अगले दिन उन्हें मेरठ के अस्पताल से फोन आया कि भूख के कारण उनकी मौत हो गई है. ग्रामीणों ने कथित तौर पर परिवार के लिए धन एकत्र किया ताकि वे मृतक के शरीर को अपने घर ला सकें.

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