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Corona in Delhi: ऑक्सीजन सिलेंडर-एडवांस दवाएं... दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना को लेकर बड़ी तैयारियां

Coronavirus in Delhi: दिल्ली में कोरोना का संक्रमण बेलगाम होता जा रहा है. पॉजिटिविटी रेट बढ़कर 8 फीसदी के करीब पहुंच गया है. एक्टिव केसेस की संख्या भी 5800 के पार चली गई है.

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दिल्ली के अस्पतालों में अभी 180 मरीज भर्ती हैं. (फाइल फोटो-PTI) दिल्ली के अस्पतालों में अभी 180 मरीज भर्ती हैं. (फाइल फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • कोरोना मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग काउंटर
  • सभी अस्पतालों में नोडल अफसर नियुक्त किए गए
  • ऑक्सीजन प्लांट को ऑपरेशनल मोड में रखने के निर्देश

Coronavirus in Delhi: राजधानी दिल्ली में कोरोना की रफ्तार बेलगाम होती जा रही है. पॉजिटिविटी रेट 8 फीसदी के करीब पहुंच गया है. कई दिन से रोज एक हजार से ज्यादा नए संक्रमित मिल रहे हैं. कोरोना की नई लहर की आहट के बीच दिल्ली के अस्पतालों में इमरजेंसी तैयारियां भी शुरू हो गईं हैं. दूसरी लहर जैसे हालात न बने, इसके लिए ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर मंगवाए जा रहे हैं. जिन मरीजों को दूसरी बीमारियां हैं, उन्हें एक महीने की एडवांस दवा दी जा रही है. 

न्यूज एजेंसी को अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कई उपाय आजमाए जा रहे हैं. कोरोना संदिग्ध मरीजों के रजिस्ट्रेशन के लिए अस्पतालों में अलग से काउंटर बनाए गए हैं. 

कोरोना के मामले बढ़ने के बाद ये तैयारियां उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने शुरू कर दी हैं. नगर निगम ने एक बयान जारी कर बताया है कि जो मरीज दूसरी बीमारियों से जूझ रहे हैं, उन्हें एक महीने की एडवांस दवा दी जा रही है. 

दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, बुधवार को राजधानी में कोरोना के 1,354 नए मामले सामने आए हैं और एक मरीज की मौत हुई है. संक्रमण दर बढ़कर 7.64% पर आ गई है. एक दिन पहले पॉजिटिविटी रेट 6% था. कोरोना के मामले बढ़ने के बाद एक्टिव केसेस भी तेजी से बढ़ रहे हैं. अभी दिल्ली में कोरोना का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 5,853 है.

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कोरोना मरीजों के लिए अलग से काउंटर

उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने बताया कि संदिग्ध कोरोना मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग से रजिस्ट्रेशन काउंटर बनाए जा रहे हैं, उनके लिए अलग से वेटिंग रूम भी बनाया जा रहा है. इसके अलावा संदिग्ध मरीजों की लाइन भी होगी और ऐसे मरीजों को मुफ्त दवा के लिए अलग से काउंटर बनाए जा रहे हैं.

अधिकारियों ने बताया कि सभी मेडिकल ऑफिसर्स और इंचार्ज को अस्पतालों में कोविड गाइडलाइंस और नियमों का सख्ती से पालन करवाने को कहा गया है. इसके साथ ही उन्हें जरूरी दवाओं का स्टॉक रखने के साथ-साथ पीपीआई किट्स, मास्क, ग्लव्स, सैनेटाइजर्स, लिक्विड सोप, ऑक्सीमीटर जैसे जरूरी सामानों का भी पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है.

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ऑक्सीजन सिलेंडर-कंसंट्रेटर बुलाए गए

इसके साथ ही इमरजेंसी जरूरतों को पूरा करने के लिए अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाइंग यूनिट्स और पीएसए ऑक्सीजन प्लांट को ऑपरेशनल मोड में रखने के आदेश दिए गए हैं. इसके अलावा मरीजों के इलाज के दौरान ऑक्सीजन की सप्लाई में कोई रोकटोक न आए, इसके लिए ऑक्सीजन सिलेंडर और कंसंट्रेटर्स भी बुलाए गए हैं. 

नगर निगम ने सीनियर सिटीजंस को प्रायोरिटी देने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही दूसरी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को एक महीने की एडवांस दवा देने का फैसला भी लिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, सीनियर सिटीजंस में संक्रमण की संभावना बहुत ज्यादा होती है, इसलिए अगर उन्हें दवा पहले ही मिल जाएगी तो उन्हें अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा, जिससे संक्रमण के फैलने की संभावना कम होगी.

इसके अलावा सभी अस्पतालों में एक नोडल अफसर की नियुक्ति भी की गई है, जिसका काम अस्पतालों में सैनेटाइजेशन करवाना, संक्रमण को रोकना और बायोमेडिकल वेस्ट का सही मैनेजमेंट करना होगा.

 

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