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वैक्सीन पर सियासी हंगामा: AAP का केंद्र के खिलाफ प्रदर्शन, कांग्रेस ने भी सरकार को घेरा

एक तरफ देश में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र-आंध्र जैसे राज्यों में वैक्सीन की कमी पड़ने लगी है. कोरोना वैक्सीन एक्सपोर्ट करने के खिलाफ दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.

वैक्सीन एक्सपोर्ट के खिलाफ AAP का प्रदर्शन (फोटो-PTI) वैक्सीन एक्सपोर्ट के खिलाफ AAP का प्रदर्शन (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वैक्सीन के एक्सपोर्ट के खिलाफ AAP का प्रदर्शन
  • कांग्रेस ने कहा- वैक्सीन लेना सबका अधिकार है
  • वैक्सीन बर्बाद करने में तेलंगाना और यूपी सबसे आगेः कांग्रेस

देश में एक तरफ कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में वैक्सीन की कमी भी पड़ने लगी है. इसी बीच बुधवार को आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में दूसरे देशों को वैक्सीन भेजने पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कोरोना के सबसे ज्यादा मामले हमारे देश में मिल रहे हैं, इसलिए वैक्सीन पहले हमें मिलनी चाहिए.

इसी मुद्दे पर कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि वैक्सीन पर सबका अधिकार है.

वैक्सीन वैज्ञानिकों ने भारतीयों के लिए बनाईः AAP
दिल्ली में वैक्सीन के एक्सपोर्ट के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा, "ये वैक्सीन भाजपा के दफ्तर या पीएमओ में नहीं बनी है. ये देश के वैज्ञानिकों ने 130 करोड़ लोगों के लिए बनाई है. दुनिया में सबसे ज्यादा केस हमारे यहां हैं. सरकार दूसरे देशों में वैक्सीन भेज रही है.

उन्होंने कहा कि 18 से 45 साल का युवा जो घर चलाने के लिए बाहर जा रहा है, उसका भी वैक्सीन पर पूरा हक है. पाकिस्तान और अफगानिस्तान से पहले हक है. अब कोरोना 15 से कम उम्र के बच्चों पर भी हमला कर रहा है. वैक्सीन अब सबके लिए शुरू होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस विरोध प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता को कोरोना हो भी जाता है, तो देश की वैक्सीन के लिए हम 10-15 दिन कोरोना भी सह लेंगे.

सरकार की तैयारी नहींः कांग्रेस
दूसरी ओर, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी वैक्सीन को लेकर केंद्र सरकार को घेरा. उन्होंने कहा, "वैक्सीन बनाने वाली कंपनी अब फंड को लेकर बात कर रहीं हैं. क्या सरकार ने इन कंपनियों का फंड नहीं देखा था?" उन्होंने कहा कि 2020 में सितंबर के महीने में देश ने पीक देखा था. उस वक्त 24 घंटे में 96 हजार केस आए थे और अब दूसरी लहर में ये आंकड़ा 1.15 लाख तक पहुंच गया है.

उन्होंने कहा कि दुनिया में हर 7 मरीजों में एक भारत का है. इसे अब सुनामी बनते देर नहीं लगेगी. जब वैक्सीन की तैयारी चल रही थी तब केंद्र सरकार ने डेटा क्यों नहीं तैयार किया? ये सवाल है हमारा सरकार से. वैक्सीन नहीं होने के कारण महाराष्ट्र में कई वैक्सीन सेंटर बंद कर दिए गए. 6.5% वैक्सीन डोज देश में बर्बाद हो रहे हैं. इसका मतलब सरकार ने वैक्सीन ड्राइव की मुकम्मल तैयारी नहीं की. वैक्सीन बर्बाद करने में तेलंगाना और उत्तर प्रदेश सबसे आगे हैं.

वैक्सीन की प्रायोरिटी ग्रुप पर स्वास्थ्य सचिव के बयान को कांग्रेस ने असंवेदनशील बताया है. पवन खेड़ा ने कहा कि ये कौन तय कर सकता है कि किसको वैक्सीन की जरूरत है और किसको नहीं? अधिकारियों को वैक्सीन की जरूरत है और डिलीवरी बॉय को नहीं? ये कौन कहता है? वैक्सीन लेना सबका अधिकार है और वैक्सीन देना सरकार का काम है.

 

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