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103 साल की बुजुर्ग महिला ने कोरोना को दी मात, डिस्चार्ज होने पर पड़ोसी बोले- घर खाली करो

देश के कई शहरों में कोरोना को हराकर घर पहुंचने वाले लोगों के साथ पड़ोसियों के खराब व्यवहार की खबर आती रही हैं. एक नया मामला तमिलनाडु के वेल्लोर शहर का है. यहां 103 साल की एक बुजुर्ग महिला जब कोरोना से जंग जीतकर घर पहुंची तो पड़ोसियों ने उनका स्वागत करने की जगह घर खाली करने को कह दिया.

103 साल की बुजुर्ग को पड़ोसियों ने घर खाली करने को कहा 103 साल की बुजुर्ग को पड़ोसियों ने घर खाली करने को कहा

  • हमीदा ठीक होकर घर पहुंचीं तो पड़ोसियों ने दरवाजे बंद किए
  • पड़ोसियों के अलावा दुकानदारों ने भी सामान देने से मना किया
  • विधायक ने की मदद, सामान के साथ 5 हजार रुपये भी दिए

देश में एक ओर कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं तो मरने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है. लेकिन इससे भी बड़ी बात यह है कि लोगों के ठीक होने की दर भी लगातार बढ़ रही है. हालांकि जो लोग इस महामारी से जंग जीत कर घर लौट रहे हैं उनके साथ पड़ोसी अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे हैं.

एक नया मामला तमिलनाडु के वेल्लोर शहर का है. यहां 103 साल की एक बुजुर्ग महिला जब कोरोना से जंग जीतकर घर पहुंची तो पड़ोसियों ने उनका स्वागत करने की जगह घर खाली करने को कह दिया.

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103 साल की बुजुर्ग महिला हमीदा अस्पताल में कोरोना का सफल इलाज कराने के बाद डिस्चार्ज हो कर घर पहुंचीं. वह शायद कोरोना को हराने वाली सबसे उम्रदराज लोगों में से एक हैं. उनके ठीक होने से परिजन काफी खुश थे कि आखिर इस उम्र में हमीदा ने कोरोना को मात दी है. लेकिन अब वे डरे हुए हैं क्योंकि उनके घर पहुंचने पर पड़ोसियों ने निराश किया और खराब व्यवहार किया. वे लोग इस व्यवहार से हतप्रभ भी हैं.

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हमीदा के घर पहुंचने पर पड़ोसियों ने गुस्से में अपना दरवाजा बंद कर लिया और परिवार को परेशान भी किया. बुजुर्ग हमीदा अपनी एक विधवा बेटी और नातिन के साथ रहती हैं. उनकी नातिन शमा परिवार के लिए कमाने वाली एकमात्र शख्स है.

हम 15 साल से रह रहे हैंः शमा

इंडिया टुडे से बात करते हुए शमा कहती हैं, 'पड़ोसियों ने उन्हें परिसर खाली करने और इस इलाको को छोड़ने के लिए कहा है. यहां किराए के घर में रहते हुए 15 साल हो गए हैं. हम यह नहीं जानते कि अब हमें जिंदा रहने के लिए कहां जाना होगा.'

न केवल पड़ोसियों ने उनके लिए दरवाजे बंद कर दिए, बल्कि स्थानीय दुकानदारों ने कोरोना वायरस के संक्रमण के डर से उन्हें सामान बेचने तक से इनकार कर दिया.

हमीदा और उनके परिवार को परेशान करने की खबर मिलने पर अंबूर से डीएमके विधायक विल्वनाथन ने आवश्यक वस्तुओं के साथ परिवार को 5 हजार रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराई है.

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