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मुंबई में वैक्सीन तो दिल्ली के अस्पतालों में वेंटिलेटर-ICU बेड्स की शॉर्टेज

दिल्ली में पिछले 24 घंटे के अंदर 7 हजार से अधिक केस तो मुंबई में 9 हजार से अधिक केस सामने आए हैं. इस बीच मुंबई में वैक्सीन तो दिल्ली के अस्पतालों में वेंटिलेटर और आईसीयू बेड्स की शॉर्टेज हो गई है.

कोरोना मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है (फोटो-PTI) कोरोना मरीजों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है (फोटो-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 7 हजार से अधिक केस
  • मुंबई में पिछले 24 घंटे में 9 हजार से अधिक केस

देश की राजधानी दिल्ली और आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं. दिल्ली में पिछले 24 घंटे के अंदर 7 हजार से अधिक केस तो मुंबई में 9 हजार से अधिक केस सामने आए हैं. इस बीच मुंबई में वैक्सीन तो दिल्ली के अस्पतालों में वेंटिलेटर और आईसीयू बेड्स की शॉर्टेज हो गई है.  

सबसे पहले बात मुंबई की करते हैं. मुंबई के 25 प्राइवेट अस्पतालों में गुरुवार को वैक्सीन की शॉर्टेज के कारण टीकाकरण अभियान रूक गया. बीएमसी की माने तो 71 में से 25 प्राइवेट अस्पतालों में गुरुवार को वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो गया था, जिन अस्पतालों में स्टॉक बचा है, वह भी बमुश्किल एक दिन ही चल पाएगा.

मौजूदा समय में मुंबई में 120 कोविड वैक्सीनेशन सेंटर चल रहे हैं, जिसमें 49 महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी की ओर से चलाए जा रहे हैं. इन वैक्सीनेशन सेंटर पर हर रोज 40 से 50 हजार लोगों को वैक्सीन की डोज दी जा रही है. बीएमसी का कहना है कि उसे 7 अप्रैल तक 17, 09,550 वैक्सीन मिली थी, जिसमें से 15,61,420 लगा दी गई है.

बीएमसी का कहना है कि उसके पास अभी 1,48,130 वैक्सीन की डोज बची है, जिसमें 44,810 वैक्सीन दूसरे डोज के रूप में दी जानी है. इसका मतलब है कि केवल 1,03,320 डोज गुरुवार सुबह तक मौजूद थी और हर रोज करीब 40 से 50 हजार लोगों को वैक्सीन दी जा रही है. इसका मतलब है कि शुक्रवार को वैक्सीन का स्टॉक खत्म हो जाएगा.

दिल्ली में वेंटिलेटर और आईसीयू बेड्स की कमी
दिल्ली में पिछले 24 घंटे के अंदर कोरोना के 7 हजार नए मामले आए हैं. कोरोना के बढ़ते कहर के बीच अस्पतालों में वेंटिलेटर और आईसीयू बेड्स की कमी हो गई है. सरकार ने एलएनजेपी में 1000 से 1500 और जीटीबी में 500 से 1000 बेड करने का आदेश जारी किया है. इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों में भी कोरोना बेड्स का इंतजाम किया जा रहा है.

सरकार का कहना है कि शहर के 115 प्राइवेट अस्पतालों में 50 से अधिक बेड्स को कोरोना मरीजों के लिए चिन्हित कर लिया गया है. इसके साथ ही सभी प्राइवेट अस्पतालों को 50 फीसदी आईसीयू और वार्ड्स बेड को रिजर्व रखने का आदेश दिया गया है. प्राइवेट अस्पताल अगर चाहे तो वह 50 फीसदी से अधिक बेड भी कोरोना के लिए आरक्षित रख सकते हैं.

इसके साथ ही सरकार ने आदेश दिया है कि किसी भी मरीज को एडमिट करने में 10 मिनट से अधिक का समय नहीं लगे. सरकार ने डेंटल और आयुष कैडर्स के डॉक्टरों को भी कोरोना ड्यूटी पर लगाया है. इसके साथ ही दिल्ली के राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में नॉन-कोविड इलाज को बंद कर दिया गया है. सिर्फ कोरोना का इलाज किया जाएगा.

 

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