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कोरोना: 9 की जगह 6 महीने में लगनी चाहिए बूस्टर डोज, सरकार को भेजा गया सुझाव

कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज के अंतराल को कम करने के लिए केंद्र सरकार को सुझाव भेजा गया है. कहा जा रहा है कि अब 9 की जगह 6 महीने के अंतराल में बूस्टर डोज लगाई जा सकती है.

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बूस्टर डोज के अंतराल को कम करने का सुझाव बूस्टर डोज के अंतराल को कम करने का सुझाव
स्टोरी हाइलाइट्स
  • देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना मामले
  • दिल्ली-महाराष्ट्र में स्थिति चिंताजनक बनी

देश में कोरोना के मामले में फिर तेजी से बढ़ने लगे हैं. जो आंकड़ा पहले 2000 तक के करीब पहुंच गया था, अब फिर 10 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं. ऐसी स्थिति में कोरोना टीकाकरण पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है. वहां भी बूस्टर डोज को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है. जिन्हें वैक्सीन के दो डोज लग भी चुके हैं, उन्हें तीसरी डोज के लिए प्रेरित किया जा रहा है. इसी कड़ी में अब NTAGI ने बूस्टर डोज के अंतराल को कम करने का सुझाव दिया है.

NTAGI की तरफ से सरकार को कहा गया है कि वे बूस्टर डोज के अंतराल को 9 की जगह 6 महीने कर दें. अभी दोनों डोज लगने के बाद 9 महीने का इंतजार करना पड़ता है, तब जाकर बूस्टर लग सकती है. लेकिन अब उसी गैप को कम करने की अपील हो रही है. तेजी से बढ़ते कोरोना मामलों के बीच ये एक अहम फैसला साबित हो सकता है. अभी तक सरकार ने इस सुझाव पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. जानकारी के लिए बता दें कि 18 साल से ज्यादा उम्र का हर शख्स जिसे वैक्सीन की दोनों खुराक मिल चुकी हैं, वो बूस्टर डोज के लिए योग्य है.

वैसे राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह की बैठक में 6 से 12 साल के बच्चों में कोवैक्सीन और कोर्बेवैक्स टीकों से जुड़े आंकड़ों की समीक्षा भी की गई थी. इसके अलावा मंकीपॉक्स के खतरे को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई. कहा गया कि अभी तक भारत में इस वायरस का कोई मामला नहीं आया है, लेकिन सावधानी बरतने की जरूरत है.

देश के कोरोना मीटर की बात करें तो पिछले 24 घंटे में 12,213 नए मामले सामने आए हैं और 11 मरीजों की मौत भी हुई. ये आंकड़ा मंगलवार की तुलना में 38.4% ज्यादा है.

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