scorecardresearch
 

वयस्कों को कॉर्बेवैक्स बूस्टर डोज लगाने की मिली मंजूरी, जानिए कब से लगाई जाएगी यह वैक्सीन

भारत में पिछले कुछ दिनों से कोरोना के केसों में उछाल देखने को मिल रहा है. वहीं केंद्र सरकार लगातार वैक्सिनेशन का दायरा बढ़ाती जा रही है. केंद्र ने राज्यों को संक्रमितों के इलाज की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश के साथ पूरी इलाज की प्रक्रिया का पालन करने को कहा है. 

X
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंजूरी की घोषणा की (फाइल फोटो) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंजूरी की घोषणा की (फाइल फोटो)

केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए जैविक ई के कॉर्बेवैक्स टीके को एहतियात के तौर पर 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए अनुमति दे दी दी है, जिन्होंने पहली दो खुराक कोविशील्ड या कोवैक्सीन की खुराक ली है. 12 अगस्त से उन्हें यह वैक्सीन लगाई जाएगी. भारत का पहला स्वदेशी आरबीडी प्रोटीन सबयूनिट 'कॉर्बेवैक्स' टीका फिलहाल 12 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों को लगाया जा रहा है. 

इस शर्त पर ही लगाया जाएगा टीका

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कॉर्बेवैक्स टीके को वयस्कों को लगाने के निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि यह टीका उन्हें लगाया जाएंगा, जिन्हें कोवैक्सीन या कोविशील्ड टीके की दूसरी खुराक लिए हुए छह महीने या 26 सप्ताह हो चुके हैं.

देश में ऐसा पहली बार होने जा रहा है जब पहली और दूसरी खुराक के तौर पर दिए गए टीके से अलग कोई टीका बतौर ऐहतियाती खुराक लगाया जाएगा.

कॉर्बेवैक्स की एहतियाती खुराक लगवाने के लिए कोविन पोर्टल पर पात्रों के लिए जरूरी बदलाव किए गए हैं.जानकारी के मुताबिक कोवैक्सिन और कोविशील्ड की एहतियाती खुराक के लिए मौजूदा दिशानिर्देशों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.

20 जुलाई को तीसरे चरण के आंकड़ों पर हुई थी समीक्षा

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा,"वयस्कों को कॉर्बेवैस की खुराक देने का निर्णय वैज्ञानिक साक्ष्य और विशेषज्ञों की सिफारिशों के आधार पर लिया गया है. मालूम हो कि कोविड-19 कार्य समूह ने 20 जुलाई को हुई बैठक में तीसरे चरण के आंकडों की समीक्षा की थी. इसमें कोविशील्ड या कोवैक्सीन की दो खुराक ले चुके 18 से 80 वर्ष आयु के लोगों को कॉर्बेवैक्स टीका तीसरी खुराक के तौर पर दिए जाने के बाद उनकी प्रतिरोधक क्षमता पर होने वाले संभावित प्रभाव का आकलन किया गया था.

आंकड़ों की पड़ताल करने के बाद सीडब्ल्यूजी ने पाया था कि कोवैक्सीन या कोविशील्ड की दो खुराक लेने वालों को तीसरी खुराक के तौर पर कॉर्बेवैक्स टीका लगाया जा सकता है, जो (वायरस से लड़ने के लिए) उल्लेखनीय स्तर पर एंटीबॉडी पैदा करता है और तटस्थ आंकड़ों के मुताबिक यह रक्षात्मक भी है.

4 जून को मिल गई थी मान्यता

4 जून को हैदराबाद स्थित फार्मास्युटिकल और वैक्सीन कंपनी बायोलॉजिकल ई. लिमिटेड ने घोषणा किया था कि उसके कॉर्बेवैक्स कोविड-19 वैक्सीन को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) द्वारा 6 महीने के बाद अप्रूव किया गया है. वहीं पिछले महीने वैक्सीनेशन पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह ने 18 साल से ज्यादा उम्र के वयस्कों के लिए जैविक ई के कॉर्बेवैक्स को हेट्रोलोगस बूस्टर के रूप में सिफारिश किया था.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें