scorecardresearch
 

तेल उत्पादन में कटौती करेंगे OPEC देश, बढ़ेगी पेट्रोल-डीजल की कीमत!

तेल उत्पादकों के मंच ओपेक (OPEC) के सदस्य देश कच्चे तेल के दैनिक उत्पादन में कटौती करेंगे. इसका असर पेट्रोल और डीजल के दाम पर पड़ने की आशंका है.

बढ़ सकते हैं पेट्रोल और डीजल के भाव बढ़ सकते हैं पेट्रोल और डीजल के भाव

  • ओपेक देशों ने कच्‍चे तेल के उत्‍पादन में कटौती का फैसला लिया है
  • रोजाना उत्पादन में 5 लाख बैरल की अतिरिक्त कमी करने की सहमति

आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो सकता है. दरअसल, तेल उत्पादकों के मंच ओपेक (OPEC) के सदस्य देशों ने कच्‍चे तेल के उत्‍पादन में कटौती का फैसला लिया है. यही वजह है कि पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की आशंका है.

क्‍या है मामला

न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स की खबर के मुताबिक OPEC के सदस्य देशों और रूस जैसे उनके अन्य मित्र उत्पादक देशों के बीच कच्चे तेल के रोजाना उत्पादन में 5 लाख बैरल की अतिरिक्त कमी करने की सहमति बनी है. यह समझौता नए साल यानी 1 जनवरी से लागू होगा.

रिपोर्ट के मुताबिक उत्पादक देशों का मानना है कि इस समय वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति जरूरत से ज्यादा है, इससे कीमतें नीचे आने का जोखिम है. इससे पहले इन देशों में उत्पादन को अक्टूबर 2018 के स्तर से 12 लाख बैरल कम करने का समझौता हुआ था. जुलाई में इस समझौते को और आगे के लिए प्रभावी कर दिया गया.कटौती मार्च 2020 तक बनाए रखने का निर्णय हुआ था.

पेट्रोल-डीजल की बढ़ेगी कीमत

बहरहाल, ओपके देशों के इस फैसले से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी उछाल आ सकता है. दरअसल, भारत भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है. वहीं OPEC के देशों से अपनी जरूरत का 80 फीसदी तेल आयात करता है. यही वजह है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कच्‍चे तेल के भाव के आधार पर तय होती हैं.

केडिया कमोडिटी के निदेशक अजय केडिया की मानें तो ओपेक के इस फैसले के बाद कच्चे तेल के भाव में करीब 4 डॉलर प्रति बैरल तक की बढ़ोती हो सकती है. इससे देश में पेट्रोल-डीजल के भाव पर करीब 2 रुपये प्रति लीटर तक का असर पड़ सकता है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें