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नोटबंदी: लोगों की खातिर 'छोटू' लगा लाइन में, जुगाड़ से इन्होंने कमाए लाखों

पिछले साल आज ही के दिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की, तो देर रात से ही एटीएमों के बाहर लाइन लगनी शुरू हो गई थी. दूसरे दिन यह लाइन एटीएम के अलावा बैंकों के बाहर भी लगने लगी. लेकिन कई ऐसे लोग थे, जो खुद लाइन पर नहीं लगे, बल्‍कि उन्होंने इस काम के लिए 'छोटू' को किराये पर लिया.

नोटबंदी नोटबंदी

पिछले साल आज ही के दिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी की घोषणा की, तो देर रात से ही एटीएमों के बाहर लाइन लगनी शुरू हो गई थी. दूसरे दिन यह लाइन एटीएम के अलावा बैंकों के बाहर भी लगने लगी. लेकिन कई ऐसे लोग थे, जो खुद लाइन पर नहीं लगे, बल्‍कि उन्होंने इस काम के लिए 'छोटू' को किराये पर लिया.

एक स्टार्टअप का जुगाड़

'छोटू' को लाइन पर लगाकर लोग अपने दूसरे काम निपटाते और लाइन में घंटों खड़े होने की तकलीफ से भी बचते. 'छोटू' को लाइन में लगाकर एक तरफ जहां आम लोगों ने अपने घंटो बचाए, वहीं, एक स्टार्टअप ने इस जुगाड़ से लाखों रुपये की कमाई की.

इन्होंने भुनाया नोटबंदी को

लाइन में लगने के लिए 'छोटू' को किराये पर देने का जुगाड़ 'बुक माय छोटू' स्टार्टअप का था. पिछले साल नोटबंदी के दौरान इस स्टार्टअप ने इस जुगाड़ से अपना बिजनेस कई गुना बढ़ाया. उन्होंने लोगों को लाइन में लगने के ल‍िए ' छोटू' मुहैया  करारक न सिर्फ अच्छी कमाई की, बल्कि काफी शौहरत भी हासिल की.

ऐसे आया आइडिया

बुक माय छोटू के संस्थापक और सीईओ सतजीत सिंह बेदी ने Aajtak.in से बातचीत में बताया कि नोटबंदी के दौरान कई लोग लाइन में खड़ा नहीं होना चाहते थे. लाइन में खड़े होने की वजह से उनका रोजमरा का काम प्रभावित हो रहा था. ऐसे लोगों की मदद के लिए ही बुक माय छोटू ने 'छोटू' को किराये पर लेने का विकल्प दिया.

लोगों को मिली राहत

सतजीत ने बताया कि हम आमतौर पर हाउसकीपिंग ब्वॉयज की सर्विस मुहैया करते हैं. नोटबंदी के दौरान हमने इन लोगों को लाइन में लगकर कमाई करने का मौका दिया. हमने लोगों को सिर्फ 90 रुपये में लाइन में लगने के लिए लड़के मुहैया कराना शुरू किया. इसका फायदा ये हुआ  कि लोग अपना काम निपटाते और ये लड़के लाइन में रहकर उनका भार कम करते.

नोटबंदी ने बढ़ाया कारोबार

सतजीत बताते हैं कि नोटबंदी ने उनका कारोबार बढ़ाने में अहम भूम‍िका निभाई. उन्होंने बताया कि नोटबंदी से पहले जहां उनके पास 40 से 50 फीसदी बुकिंग होती थी. नोटबंदी के दौरान यह बुकिंग 90 से 95 फीसदी पहुंच गई और ये बुकिंग सिर्फ एटीएम और बैंक की लाइन में लगने के लिए हो रही थीं. इससे स्टार्टअप को न सिर्फ  आय के मामले में फायदा हुआ, बल्क‍ि यह रातोंरात फेमस भी हो गई. इससे कंपनी का मार्केटिंग कॉस्ट जीरो हो गया.

एक साल बाद ये है स्टार्टअप का हाल

नोटबंदी के दौरान अपने जुगाड़ से रातोंरात चमकने वाले 'बुक माय छोटू' की चमक एक साल बाद भी कम नहीं हुई है. स्टार्टअप के कोर टीम और स्ट्रैटजी हेड गोविन कंधारी कहते हैं कि पिछले एक साल के दौरान हमारे स्टार्टअप ने 10 गुना ग्रोथ किया है और अब हमसे ज्यादा लोग जुड़े हैं. हमारी बुकिंग में भी तेजी आई है.

अब दायरा बढ़ाने पर है फोकस

नोटबंदी से स्टार्टअप को इतना नेम और फेम मिला कि अब सतजीत अपने कारोबार को दिल्ली-एनसीआर से बाहर लेकर जाने की भी तैयारी कर रहे हैं. इसके लिए वह फ्रेंचाइजी मॉडल लाने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि देश के अन्य राज्यों में भी लोगों को वह सुविधा दे सकें.

अब  यहां लाइन पर लग रहे स्टार्टअप के 'छोटू'  

सतजीत कहते हैं कि नोटबंदी के बाद अब उनके 'छोटू' को लोग अस्पताल, बैंक और अन्य कई  जगहों पर लाइन में लगने के लिए किराये पर ले रहे हैं. वह बताते हैं कि हम आम लोगों को घंटों के हिसाब से हाउसकीपिंग ब्वॉयज किराये पर देते हैं. वह बताते हैं कि आपके घर में शादी है और आप कुछ निपटाने में मदद चाहते हैं, तो बुक माय छोटू के साथ लड़कों को घंटों के हिसाब से किराये पर ले सकते हैं और अपना काम निपटा सकते हैं.

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