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इकोनॉमी के मोर्चे पर उम्मीद, 3 महीने बाद GST क्लेक्शन 1 लाख करोड़ के पार

अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट के बीच एक राहत भरी खबर आई है. नवंबर महीने में जीएसटी कलेक्शन में छह फीसदी का उछाल आया है. नवंबर महीने में जीएसटी कलेक्शन 1.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. ऐसा तीन महीने बाद हुआ है जब जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ के पार पहुंचा है. जुलाई में जीएसटी कलेक्शन 1.02 लाख करोड़ रुपये था.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

  • जीएसटी कलेक्शन में इजाफा
  • एक लाख करोड़ के पार पहुंचा आंकड़ा
अर्थव्यवस्था में मंदी की आहट के बीच एक राहत भरी खबर आई है. नवंबर महीने में जीएसटी कलेक्शन में छह फीसदी का उछाल आया है. नवंबर महीने में जीएसटी कलेक्शन 1.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है. ऐसा तीन महीने बाद हुआ है जब जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ के पार पहुंचा है. जुलाई में जीएसटी कलेक्शन 1.02 लाख करोड़ रुपये था.

GST कलेक्शन में इजाफा

दो महीने तक जीएसटी में बढ़ोतरी की दर नेगेटिव रही थी. लेकिन दो महीने बाद नवंबर 2018 के मुकाबले इस बार जीएसटी कलेक्शन में 6 फीसदी का इजाफा हुआ है. बाजार के जानकार इसे सकारात्मक संकेत मान रहे हैं और ये ट्रेंड इकोनॉमी की सेहत के लिहाज से बढ़िया है. बता दें कि जुलाई 2017 में जीएसटी सिस्टम लागू होने के बाद ये आठवीं बार है जब जीएसटी संग्रह एक लाख करोड़ के पार पहुंचा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस बार नवंबर में केंद्रीय जीएसटी से सरकार को 19,592 करोड़ रुपये आय हुई, राज्य जीएसटी से सरकार के खजाने में 27,144 करोड़ रुपये आए, एकीकृत जीएसटी से 49,028 करोड़ रुपये की कमाई हुई. जीएसटी उपकर से 7,727 करोड़ रुपये की वसूली रही.

अबतक की तीसरी बड़ी जीएसटी आय

इसके अलावा नवंबर का ये कलेक्शन जीएसटी का ये अबतक का तीसरा बड़ा कलेक्शन है. इससे पहले इस साल अप्रैल में इस साल जीएसटी संग्रह 1.13 लाख करोड़ रुपये थी, जबकि मार्च में जीएसटी से सरकार की आय 1.06 लाख करोड़ रुपये थी. बता दें कि अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 95,380 करोड़ था. जबकि नवबंर 2018 में ये आंकड़ा 97,637 करोड़ रुपये था.

विकास दर में गिरावट

शुक्रवार आए विकास दर के आंकड़ों से नरेंद्र मोदी सरकार को झटका लगा था. वित्त वर्ष 2019-20 की दूसरी तिमाही में भारत की विकास दर गिरकर 4.5 फीसदी पर पहुंच गई थी. 6 साल में ये विकास दर में ये सबसे बड़ी गिरावट थी. विकास दर के बाद जीएसटी के आंकड़े सरकार के लिए निश्चित रूप से राहत भरी खबर है.

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