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भारत की GDP पर मूडीज की आशंका बरकरार, फिर घटाया ग्रोथ का अनुमान

भारत के जीडीपी ग्रोथ को लेकर मूडीज की आशंका बरकरार है. अपने ताजा अनुमान में मूडीज ने जीडीपी ग्रोथ को 5.6 फीसदी पर रखा है.

जीडीपी ग्रोथ को लेकर मूडीज ने दिया झटका जीडीपी ग्रोथ को लेकर मूडीज ने दिया झटका

  • मूडीज ने जीडीपी अनुमान 5.8 फीसदी से घटाकर 5.6 फीसदी कर दिया
  • अक्‍टूबर में मूडीज ने अनुमान 6.2 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी किया था

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने नवंबर महीने में चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि दर यानी जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को 5.8 फीसदी से घटाकर 5.6 फीसदी कर दिया है. यहां बता दें कि अक्‍टूबर में मूडीज ने ग्रोथ रेट अनुमान 6.2 फीसदी से घटाकर 5.8 फीसदी किया था. 

वहीं करीब 10 दिन के भीतर मूडीज ने देश की इकोनॉमी को लेकर दूसरा बड़ा झटका दिया है. इससे पहले मूडीज ने भारत की इकोनॉमी के आउटलुक को स्‍टेबल से घटाकर निगेटिव कर दिया था. इसके साथ ही मूडीज की ओर से भारत की इकोनॉमी के वर्तमान हालात पर चिंता जाहिर की गई थी.

क्‍या कहा मूडीज ने

जीडीपी के अनुमान को लेकर मूडीज की ओर से जारी बयान में कहा गया,  '' हमें लगता है कि साल 2018 में भारत की जीडीपी का अनुमान 7.4 फीसदी रहा, लेकिन साल 2019 में यह 5.6 फीसदी रह सकता है.'  मूडीज की रिपोर्ट के मुताबिक 2018 के मध्य से ही भारत की जीडीपी कम हुई है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले भी निवेश गतिविधियों में गिरावट आई है, लेकिन तब मजबूत खपत मांग के कारण अर्थव्यवस्था में तेजी आई थी. मौजूदा सुस्ती के साथ समस्या यह है कि इस बार खपत में भी गिरावट है. हालांकि मूडीज को लगता है कि 2020 और 2021 में जीडीपी ग्रोथ में तेजी आ सकती है लेकिन फिर भी यह क्रमश : 6.6 फीसदी और 6.7 फीसदी रह सकता है.

भारत के आउटलुक में बदलाव

हाल ही में रेटिंग एजेंसी ने भारत के बारे में अपने आउटलुक यानी नजरिए को 'स्टेबल' (स्थि‍र) से घटाकर 'नेगेटिव' कर दिया है. मूडीज के मुताबिक पहले के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था में जोखिम बढ़ गया है, इसलिए उसने अपने आउटलुक में बदलाव किया है. मूडीज के आउटलुक से यह अंदाजा लगाया जाता है कि किसी देश की सरकार और वहां की नीतियां आर्थ‍िक कमजोरी से मुकाबले में कितनी प्रभावी हैं.

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