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मोदी सरकार को राहत, 23 माह के निचले स्‍तर पर थोक महंगाई दर

जुलाई के महीने में महंगाई के मोर्चे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को बड़ी राहत मिली है. दरअसल, खुदरा के बाद थोक महंगाई दर में भी गिरावट दर्ज की गई है.

खुदरा के बाद थोक महंगाई में भी आई गिरावट खुदरा के बाद थोक महंगाई में भी आई गिरावट

खुदरा महंगाई के बाद थोक महंगाई दर के मोर्चे पर भी मोदी सरकार को बड़ी राहत मिली है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में थोक महंगाई दर 1.08 फीसदी पर रही. थोक महंगाई का यह आंकड़ा करीब 23 महीने का निचला स्‍तर है. जुलाई में ईंधन-बिजली की थोक महंगाई दर में कमी आई है. ये जून के -2.20% से घटकर -3.64% पर आ गई है.

जून में थोक महंगाई के आंकड़े

इससे पहले जून में थोक महंगाई की दर 2.02 फीसदी पर थी. इस लिहाज से एक महीने में थोक महंगाई दर 0.94 फीसदी कम हुआ है. वहीं एक साल पहले से तुलना करें तो यह 4.19 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. यहां बता दें कि एक साल पहले जुलाई 2018 में थोक महंगाई दर के आंकड़े 5.27 फीसदी पर थे.

इससे पहले मंगलवार को खुदरा महंगाई दर के आंकड़े आए थे. इसके मुताबिक जुलाई में खुदरा महंगाई दर 3.15 फीसदी पर आ गई है. वहीं एक साल पहले जुलाई 2018 में खुदरा महंगाई दर 4.17 फीसदी पर रही थी. यानी 1 फीसदी से अधिक की कमी देखने को मिली है. बता दें कि सरकार ने केंद्रीय बैंक को खुदरा महंगाई दर 4 फीसदी के दायरे में रखने का लक्ष्य दिया है. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया महंगाई के आंकड़ों के आधार पर रेपो रेट में बदलाव करता है. महंगाई के आंकड़े जितने कम होंगे आरबीआई रेपो रेट में भी उतना ज्‍यादा कटौती करेगा.

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