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चंदा कोचर को दिया 12 करोड़ का बोनस वापस लेगा ICICI बैंक, हाईकोर्ट में मामला दर्ज

ICICI बैंक ने चंदा कोचर को दी गई बोनस रकम वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में रिकवरी सूट दाख‍िल किया  है. बैंक चंदा को बोनस और अन्य फायदों के रूप में मिले 12 करोड़ रुपये वसूलना चाहता है.

बढ़ती जा रही हैं चंदा कोचर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं चंदा कोचर की मुश्किलें

  • चंदा कोचर को दी गई बोनस रकम को वापस लेगा ICICI बैंक
  • चंदा को बोनस और अन्य फायदों के रूप में मिले हैं 12 करोड़ रुपये
  • इसकी वसूली के लिए हाईकोर्ट में बैंक ने दायर किया मामला
  • चंदा कोचर को बैंक के CEO और MD पद से टर्मिनेट किया गया

कर्ज वितरण में अनियमितता के मामले में फंसीं चंदा कोचर की मुश्किल बढ़ती जा रही है. अब ICICI बैंक ने चंदा कोचर को दी गई बोनस रकम वापस लेने के लिए हाईकोर्ट में रिकवरी सूट दाख‍िल किया  है. बैंक चंदा को बोनस और अन्य फायदों के रूप में मिले 12 करोड़ रुपये वसूलना चाहता है.

चंदा कोचर को बैंक के CEO और  MD पद से हटा दिया गया है. वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपये का नियम के ख‍िलाफ जाकर लोन देने के मामले में चंदा कोचर फंसी हुई हैं.

क्या है मामला

खबर के अनुसार, बैंक ने पिछले हफ्ते ही शुक्रवार को हाईकोर्ट में यह मामला दायर किया है. बैंक ने एक एफीडेविट के द्वारा यह मांग की है कि पिछले साल चंदा कोचर द्वारा दायर की गई याचिका को खारिज किया जाए. इस मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी, सोमवार को होगी.

किस नियम के तहत होगी वापसी

बैंक के मुताबिक यह बोनस चंदा कोचर को अप्रैल 2006 से मार्च 2018 के बीच दिए गए थे. बैंक क्लॉबैक के तहत बोनस वापस लेना चाहता है, जिसमें यह प्रावधान होता है कि कोई कंपनी कर्मचारी के गलत आचरण या कंपनी के घाटे की स्थ‍िति में बोनस जैसे इन्सेंटिव की रकम वापस ले सकती है.

चंदा कोचर ने भी किया है मुकदमा

चंदा कोचर पहले ही खुद को टर्मिनेट करने के लिए बैंक के ख‍िलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर कर चुकी हैं. इस मामले की सुनवाई के दौरान ही चंदा कोचर के वकील को पता चला कि बैंक ने बोनस की वापसी के लिए मामला दायर किया है. चंदा का कहना है कि जब वह जल्दी रिटायरमेंट के लिए आवेदन कर चुकी थीं, तो उन्हें हटाए जाने का कोई मतलब नहीं था.

इसके जवाब में ICICI बैंक ने कहा कि चूंकि वह एक निजी बैंक है, इसलिए इसका प्रशासन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के द्वारा चलता है और उन्हीं का नियम मान्य होता है, इसलिए चंदा कोचर के तर्क में दम नहीं है. बैंक ने कहा कि चंदा ने कई तरह की जानकारियां देने से इंकार किया जिसकी वजह से उनको टर्मिनेट किया गया.

चंदा कोचर के वकील सुजय कांतावाला ने कहा कि बोनस वापसी के बैंक द्वारा दायर मामले में वह जल्दी ही अपना जवाब भेजेंगे.

ईडी ने की है कार्रवाई

गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने शुक्रवार को चंदा कोचर और उनके परिवार की संपत्ति जब्त कर ली है. आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व अधिकारी की कुल 78 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें मुंबई में उनका घर और उनके पति की कंपनी की कुछ संपत्ति शामिल है.

ईडी का आरोप है कि कोचर ने आईसीआईसीआई बैंक के प्रमुख रहते हुए गैर कानूनी तरीके से अपने पति की कंपनी न्यूपावर रिन्यूएबल्स को करोड़ों रुपये दिए.

ईडी ने इस मामले में चंदा कोचर से कई बार पूछताछ कर चुकी है. ईडी ने मार्च में कोचर परिवार के आवास और कार्यालय परिसरों की तलाशी भी ली थी. ईडी ने मामले में वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत से भी पूछताछ कर चुकी है.

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