scorecardresearch
 

31,700 करोड़ में बिका 100 साल का हॉर्लिक्स

देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर उत्पाद डील में जीएसके के एक शेयर के मुकाबले एचयूएल के 4.39 शेयर रखे गए. इस डील के साथ जीएसके के न्यूट्रिशन बिजनस के अलावा सेंसोडाइन, ओरल केयर ब्रैंड्स और ईनो, क्रोसीन समेत कई ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) का डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स भी अब एचयूएल को मिल गया है.

ग्लैक्सो से एचयूएल का हुआ हॉर्लिक्स ग्लैक्सो से एचयूएल का हुआ हॉर्लिक्स

सौ साल से देश में एनर्जी सप्लिमेंट की तरह इस्तेमाल हो रहे हॉर्लिक्स को देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर कंपनी हिंदुस्तान यूनीलीवर (एचयूएल) ने खरीद लिया है. एचयूएल ने सोमवार को बताया कि उसने हॉर्लिक्स बनाने वाली कंपनी गैल्कसोस्मिथक्लाइ (जीएसके) कंज्यूमर की एचयूएल के साथ मर्जर की मंजूरी दे दी है. इस मर्जर के लिए एचयूएल को 31,700 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े.    

देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर उत्पाद डील में जीएसके के एक शेयर के मुकाबले एचयूएल के 4.39 शेयर रखे गए. इस डील के साथ जीएसके के न्यूट्रिशन बिजनस के अलावा सेंसोडाइन, ओरल केयर ब्रैंड्स और ईनो, क्रोसीन समेत कई ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) के डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स भी अब एचयूएल को मिल गया है.

गौरतलब है हॉर्लिक्स ने प्रथम विश्वयुद्ध (1914-18) के बाद ब्रिटिश आर्मी के साथ भारत में एंट्री ली थी. एंट्री के बाद हॉर्लिक्स को ब्रिटिश आर्मी में भारतीय सैनिकों को सप्लीमेंट फूड के तौर पर दिया जाता था. आजादी के बाद कंपनी ने ह़र्लिक्स की मार्केटिंग स्ट्रैटेजी को बदलते हुए हॉर्लिक्स की  ब्रांडिंग मध्यम वर्गीय परिवार के बीच करने के लिए इसे बच्चों की ग्रोथ के लिए अहम पोषण ड्रिंक के तौर पर पेश किया.

नेहरू इंदिरा रहे नाकाम, क्या PM Modi बनाएंगे भारत को P-6?

हालांकि इंग्लैंड में हॉर्लिक्स का ब्रांड 140 साल पुराना है और एचयूएल के साथ हुई इस डील में कंपनी का इंग्लैंड में कारोबार नहीं प्रभावित होगा. इंग्लैंड में इसकी ओनरशिप गैल्कसोस्मिथक्लाइ के पास ही रहेगी.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें