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स्पाइसजेट के सस्ते टिकट की स्कीम पर लगी रोक, DGCA ने दिया आदेश

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने स्पाइसजेट को टिकट सेल रोकने के निर्देश दिए हैं.

स्पाइसजेट को टिकट सेल रोकने के निर्देश स्पाइसजेट को टिकट सेल रोकने के निर्देश

  • 899 रुपये के न्यूनतम बेस प्राइस पर टिकट की पेशकश थी
  • नागर विमानन महानिदेशालय ने स्कीम पर रोक लगा दी है

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने निजी एयरलाइन स्पाइसजेट की एक खास स्कीम पर रोक लगा दी है. दरअसल, स्पाइसजेट ने पांच दिन की ‘एक पर एक टिकट मुफ्त’ सेल की घोषणा की थी. इसके तहत कंपनी ने एकतरफा घरेलू यात्रा के लिए 899 रुपये के न्यूनतम बेस प्राइस पर टिकट की पेशकश की थी. लेकिन अब डीजीसीए ने इस स्कीम पर रोक लगा दी है.

क्या है वजह?

इसकी वजह हवाई यात्रा किराये पर सीमा तय करना है. आपको बता दें कि लॉकडाउन के बाद मई में घरेलू विमान सेवाओं को मंजूरी दी गई थी. इसी वक्त किराये की न्यूनतम सीमा भी तय कर दी गई थी. सरकार ने अपने आदेश में सबसे कम दूरी की उड़ाने के लिए न्यूनतम 2,000 रुपये का किराया तय किया है. यही वजह है कि डीजीसीए ने सरकार के किराये सीमा तय करने के आदेश पर ध्यान दिलाते हुए स्पाइसजेट को उसकी सेल रोकने के निर्देश दिए हैं.

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आपको बता दें कि नागर विमानन मंत्रालय ने देश में 25 मई से हवाई यात्रा को शुरू करने से पहले 21 मई को एयरलाइंस के लिए घरेलू हवाई यात्रा किराये की सीमा तय करने का आदेश जारी किया था. किराया सीमित रखने की समयसीमा पहले 24 अगस्त तक तय की गयी थी जिसे बाद में बढ़ाकर 24 नवंबर कर दिया गया.

सात कैटेगरी में कीमत

इसके लिए सात कैटेगरी बनायी गई थी. पहली कैटेगरी में 40 मिनट या उससे कम समय की उड़ानों को रखा गया. इसके लिए न्यूनतम किराया 2,000 रुपये और अधिकतम 6,000 रुपये तय किया गया. इसी तरह 40 से 60 मिनट की उड़ान के लिए 2,500-7,500 रुपये, 60-90 मिनट के लिए 3,000-9,000 रुपये की सीमा तय की गई है.

वहीं, 90-120 मिनट के लिए 3,500 रुपये-10,000 रुपये, 120-150 मिनट के लिए 4,500-13,000 रुपये, 150-180 मिनट के लिए 5,500-15,700 रुपये और 180-210 मिनट की उड़ान के लिए 6,500 से 18,600 रुपये की सीमा तय की गई है.

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