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अधिग्रहण पर बोलीं वित्त मंत्री-कंपनियों को औने-पौने दाम पर नहीं बिकने देंगे

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भारतीय कंपनियों का अधिग्रहण औने-पौने दाम पर ना किया जा सके.

सरकार कंपनियों को आक्रामक अधिग्रहण से बचाने में जुटी है सरकार कंपनियों को आक्रामक अधिग्रहण से बचाने में जुटी है

  • हाल ही में सरकार ने विदेशी निवेश नियमों में बदलाव किया है
  • कोरोना की वजह से दुनियाभर में कंपनियों की स्थिति कमजोर

कोरोना संकट काल के बीच बीते कुछ समय से सरकार भारतीय कंपनियों को आक्रामक अधिग्रहण से बचाने में जुटी है. इसी के तहत सरकार ने हाल ही में विदेशी निवेश को लेकर नियमों में बदलाव किया है. अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकार भारतीय कंपनियों का अधिग्रहण औने-पौने दाम पर नहीं होने देगी.

क्‍या कहा वित्त मंत्री ने

न्‍यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक वित्त मंत्री ने कहा कि कोरोना संकट काल में सस्ते मूल्यांकन पर कंपनियों को खरीदने का अवसर है, लेकिन हम ये सुनिश्चित करेंगे कि इसका गलत इस्‍तेमाल न हो. वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘वास्तविकता यही है. लेकिन हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जिन कंपनियों को भारतीयों ने अपने पसीने से खड़ा किया है, जिनका ब्रांड मूल्य है, उन्हें ऐसे लोग नहीं खरीद पाएं, जो सिर्फ अवसर का इंतजार कर रहे हैं.’’

निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘‘ हम निश्चित रूप कुछ करेंगे जिससे भारतीय उद्योगों का अधिग्रहण औने-पौने दाम पर नहीं हो सके. हम चाहते हैं कि सब कुछ सामान्य होने के बाद वे अपने कारोबार को आगे बढ़ाएं.’’ बता दें कि हाल ही में सरकार ने विदेशी निवेश को लेकर नियमों में बदलाव किया है.

ये पढ़ें- चीन से भारतीय कंपनियों को बचाने में जुटी सरकार, सख्त किए FDI के नियम

नए बदलाव के तहत अब भारत की सीमा से जुड़े किसी भी देश के नागरिक या कंपनी को निवेश से पहले सरकार की मंजूरी लेनी होगी. अब तक सिर्फ पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों/कंपनियों को ही मंजूरी की जरूरत होती थी. वहीं चीन जैसे पड़ोसी देशों के लिए इसकी जरूरत नहीं होती है.

चीन उठा रहा मौके का फायदा

दरअसल, बीते कुछ समय से कोरोना की वजह से दुनियाभर में कंपनियों की स्थिति कमजोर हो गई है. चीन इसका फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है. इसके तहत वह विदेशी कंपनियों में बड़ी हिस्‍सेदारी खरीद रहा है. चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने हाउसिंग लोन देने वाली भारत की दिग्गज कंपनी HDFC लिमिटेड के 1.75 करोड़ शेयर खरीद लिए हैं. चीन को रोकने के लिए कई देशों ने विदेशी निवेश के नियमों में बदलाव किए हैं.

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