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बिजनेस

ग्राहकों को मोदी सरकार का तोहफा, 3 महीने में लागू होगा ये नया कानून

ग्राहकों को मोदी सरकार का तोहफा, 3 महीने में लागू होगा ये नया कानून
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अकसर देखा गया है कि कंपनियां/ दुकानदार भ्रामक विज्ञापन या अन्‍य वजहों से उपभोक्‍ताओं को चूना लगाते हैं. इसके बाद उपभोक्‍ताओं को अपने अधिकार के लिए लंबी लड़ाई लड़नी पड़ती है.  हालांकि अब मोदी सरकार एक ऐसा कानून लागू करने जा रही है जिसके जरिए उपभोक्‍ताओं के हितों का ध्‍यान रखा जाएगा. यह कानून अगले कुछ महीनों में लागू हो जाएगा.
ग्राहकों को मोदी सरकार का तोहफा, 3 महीने में लागू होगा ये नया कानून
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दरअसल, कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल 2019 को संसद से मंजूरी मिलने के बाद अब सरकार इसे लागू करने की तैयारी कर रही है. खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने इसकी जानकारी दी है. उन्‍होंने बताया कि सरकार अगले 3 महीने में नियम तैयार कर देगी.
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इसके साथ ही कानून के मुताबिक एक अथॉरिटी केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) का गठन भी कर दिया जाएगा. यह अथॉरिटी किसी भी उपभोक्ता मामलों का अपनी ओर से संज्ञान ले सकता है, जांच शुरू कर सकता है और उपयुक्त कार्रवाई कर सकेगा.
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केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि उपभोक्ता कहीं से भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं और उन्हें अपने मामलों का प्रतिनिधित्व करने के लिए वकील नियुक्त करने की आवश्यकता नहीं है. इसके साथ ही मध्यस्थता  का विकल्‍प भी एक तय समयावधि की तक होगा. इस कानून में मिलावट और भ्रामक विज्ञापनों के लिए जेल भेजने सहित कठोर दंडों के प्रावधान भी किये गये हैं.
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मोदी सरकार के इस नए कानून में निर्माताओं के लिए जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है. हालांकि मशहूर हस्तियों के लिए जेल का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन अगर वे भ्रामक विज्ञापन करते पाए जाते हैं तो उन्हें उन उत्पादों का समर्थन करने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है.
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केंद्रीय मंत्री के मुताबिक बहुत से निर्माता अभी भी 2016 के उस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं जिसमें उत्पादों की पैकिंग पर - एमआरपी, मात्रा, विनिर्माण / समाप्ति की तारीख और शिकायतों के निवारण तंत्र को प्रमुखता से प्रदर्शित करने का प्रावधान है.