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US China tech rivalry: अमेरिका ने उठाया ऐसा कदम, चीन को लग सकता है तगड़ा झटका

बाइडन सरकार के लिए ऐसे फैसले के बाद चीन की कंपनियों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है. इस वजह से चीन की बायोटेक से लेकर इलेक्ट्रिक व्हीकल की कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिल रही है. निवेशक इस बात से भी चिंतित हैं कि ताइवन को लेकर चीन का रुख उनकी मुश्किलों को और बढ़ा सकता है.

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 अमेरिका और चीन के बीच होड़.
अमेरिका और चीन के बीच होड़.

अमेरिका और चीन के बीच टेक्नोलॉजी (US China Tech Rivalry) के क्षेत्र में सबसे बेहतर होने की होड़ लगी है. दोनों देशों के बीच शुरू इस रेस की वजह से वर्ल्ड के दूसरे सबसे बड़े मार्केट को परेशानी झेलनी पड़ सकती है. अमेरिका की जो बाइडन की सरकार ने चीन पर से आर्थिक निर्भरता घटाने के लिए कुछ फैसले किए हैं. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने अपने घरेलू सप्लाई को सुरक्षित करने के लिए हाल ही में कई कदम उठाए हैं. साथ ही उसकी कोशिश अपनी इंडस्ट्रियल सुपीरियरिटी को मजबूती देने की है. इसके लिए भी बाइडन सरकार ने कई फैसले लिए हैं.

चीन के बाजार में हलचल

बाइडन सरकार के लिए ऐसे फैसले के बाद चीन की कंपनियों के लिए अनिश्चितता बढ़ गई है. इस वजह से चीन की बायोटेक से लेकर इलेक्ट्रिक व्हीकल की कंपनियों के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिल रही है. इस महीने MSCI चीन इंडेक्स सात फीसदी से अधिक गिरा है. वहीं, वैश्विक बाजार मनें 2.5 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.

निवेशक की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

निवेशक इस बात से भी चिंतित हैं कि रूस और ताइवन को लेकर चीन का रुख उनकी मुश्किलों को और बढ़ा सकता है. तनाव में बढ़ोतरी का असर आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है. पिछले हफ्ते राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अपने रूसी समकक्ष के साथ बैठक पर व्यापारियों नजरें जमाई थीं. इससे अमेरिकी प्रतिबंधों के लिए आधार मिल सकता है.

चुनौतीपूर्ण बने रहेंगे दोनों देशों के सबंध

बीएनपी पारिबा एसेट मैनेजमेंट में एशियाई और वैश्विक उभरते बाजार इक्विटीज के प्रमुख झिकाई चेन ने कहा- '2022 और उससे आगे चीन के संबंध चुनौतीपूर्ण बने रहेंगे, क्योंकि दोनों अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे को प्रतिस्पर्धा के रूप में देखती हैं. हमारा जोर डिफेंसिव और पॉलिसी से फायदा उठाने वाली कंपनियों पर है. साथ ही अधिक जियो-पॉलिटिकल रिस्क वाले शेयर से बच रहे हैं.

कड़े कोविड प्रतिबंधों, कमजोर अर्थव्यवस्था और प्रॉपर्टी बाजार में मंदी से जूझ रहे मार्केट में नए घटनाक्रम इसके सेंटिमेंट को और तोड़ रहे हैं. चीनी स्टॉक गेज इस साल सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले प्रमुख बेंचमार्क में से हैं.

दोनों राष्ट्र प्रमुखों का होगा टेस्ट

आने वाले महीनों में राष्ट्रपति जो बाइडन और शी जिनपिंग को पॉलिटिकल टेस्टिंग का सामना करना पड़ सकता है. अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन होने हैं. वहीं, चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस होने वाली है. एब्रडन पीएलसी में चीनी इक्विटीज के प्रमुख निकोलस येओ ने कहा कि अमेरिकी अभियान में चीन को लेकर मचे शोर की वजह से बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है.

मार्केट में बढ़ सकता है उतार-चढ़ाव

बाइडन के कार्यकारी आदेश के बाद पिछले हफ्ते बायोटेक बेलवेदर वूशी बायोलॉजिक्स केमैन इंक दिन में लगभग 20 फीसदी गिर गया. इलेक्ट्रिव व्हीकल्स कंपनियों के शेयर भी गिर गए. ऐसे में निवेशकों को आगे के उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना होगा.

बाइडन अगले कुछ दिनों में एक ऐसे आदेश पर साइन करने के लिए तैयार हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी, बायोटेक, सेमिकंडक्टर जैसे सेक्टर्स में विदेशी निवेश पर राष्ट्रीय सुरक्षा समीक्षा तेज करेगा.


 

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