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'I2U2' की पहली बैठक में बिग डील, UAE ने भारत में 'फूड पार्क' बनाने के लिए खोला खजाना!

UAE Investment In India: चार देशों के समूह I2U2 का उद्देश्य पानी, ऊर्जा, परिवहवन, स्पेस, हेल्थ और फूड सिक्योरिटी जैसे छह पारस्परिक रूप से पहचाने गए क्षेत्रों में मिलकर निवेश और प्रोत्साहित करना है.

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य़ूएई भारत में करेगा 2 अरब डॉलर का निवेश य़ूएई भारत में करेगा 2 अरब डॉलर का निवेश
स्टोरी हाइलाइट्स
  • चार देशों के समूह I2U2 का शिखर सम्मेलन आयोजित
  • संयुक्त परिजोनाओं पर आगे बढ़ने को लेकर हुई चर्चा

भारत के लिए गुरुवार को बड़ी खबर आई. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) देश में दो अरब डॉलर (करीब 15000 करोड़ रुपये) का निवेश करेगा. इस रकम से दक्षिण एशिया और मध्य पूर्व में खाद्य असुरक्षा से निपटने के लिए भारत में फूड पार्क की एक श्रृंखला विकसित की जाएगी. 

I2U2 के पहले शिखर सम्मेलन में फैसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को चार देशों के समूह I2U2 के पहले शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया. यह सम्मेलन वर्चुअल तरीके से आयोजित किया जा रहा है. इसमें पीएम मोदी के अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, इजरायल के प्रधानमंत्री येर लापिड और यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान मौजूद रहे. इसमें भारत के लिए बड़े निवेश का ऐलान किया गया. इन चार देशों ने मिलकर एक समूह बनाया है, जिसका नाम I2U2 दिया है. इसमें दो बार I का मतलब इंडिया और इजरायल, जबकि दो बार U का मतबल UAE को US है.  

फूड पार्क की सीरीज होगी स्थापित
संयुक्त अरब अमीरात भारत में इंटीग्रेटेड फूड पार्क (Food Park) की सीरीज डेवलप करने के लिए दो अरब डॉलर निवेश करेगा. I2U2 की संयुक्त बैठक में यह बयान दिया गया है. गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों ने इस महीने चेतावनी दी थी कि यूक्रेन में युद्ध और जलवायु परिवर्तन से भुखमरी और पलायन अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच सकता है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कही बड़ी बात
शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि हमने कई क्षेत्रों में संयुक्त परियोजनाओं की पहचान की है और उन पर आगे बढ़ने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है. उन्होंने आगे कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि हम वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा समेत आर्थिक प्रगति में एक दूसरे का महत्वपूर्ण योगदान करेंगे. ये फैसला देश के किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा.

अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को मिलेगी गति
बिजनेस टुडे पर छपी रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, चारों देश भारत में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को भी आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं. इसके अलावा किसानों और खुदरा विक्रेताओं को नवीनतम जलवायु प्रौद्योगिकी का उपयोग करके कचरे को कम करने, पानी के संरक्षण और फसल की पैदावार को बढ़ाने के लिए एक साथ लाने पर विचार किया जा रहा है. 

रूस-यू्क्रेन युद्ध पर हुई चर्चा
शिखर सम्मेलन में वैश्विक खाद्य और ऊर्जा संकट के अलावा रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग (Russia Ukraine War) से पैदा हुए हालातों पर भी चर्चा की गई. रूस और यूक्रेन क्रमशः दुनिया के तीसरे और चौथे सबसे बड़े अनाज निर्यातक (Exporter) हैं, जबकि रूस प्रमुख ईंधन और उर्वरक निर्यातक भी है. इस युद्ध ने उनके निर्यात को बाधित कर दिया है, इसका असर विश्व स्तर पर खाद्य कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर धकेल दिया है. विकासशील देशों में पहले से ही कोरोना महामारी से आपूर्ति श्रृंखला बाधित थी, उसपर इस युद्ध ने परेशानी और बढ़ा दी है. 

 

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