scorecardresearch
 

गजब की पॉलिसी, इस कंपनी में नौकरी छोड़ते ही बढ़ जाती है सैलरी, खुश होकर जाता है कर्मचारी

अमेरिकी मार्केटिंग एजेंसी Gorilla के फाउंडर Jon Franko ने एक लिंक्डइन पोस्ट में कहा कि, हम वास्तव में ऐसा बिल्कुल भी नहीं चाहते कि कोई कर्मचारी हमें छोड़कर जाए. लेकिन हर कर्मचारी हमारी कंपनी के साथ ही रिटायर हो, ये सोचना बेवकूफी होगी. हम कोशिश करते हैं कि बदलाव जितना संभव हो, आसान बन सके.

X
यहां नौकरी छोड़ने पर 10% बढ़ जाती है सैलरी!
यहां नौकरी छोड़ने पर 10% बढ़ जाती है सैलरी!

जब किसी कंपनी में कोई कर्मचारी इस्तीफा (Resignation) देता है और नोटिस पीरियड (Notice Period) में काम करता है, तो फिर इस अवधि में उसके साथ कंपनी के व्यवहार में कुछ हद तक बदलाव नजर आता है और कंपनी का पूरा फोकस फुल एंड फाइनल सेटलमेंट पर लग जाता है. लेकिन इसके विपरीत एक कंपनी ऐसी भी है, जो अपने कर्मचारियों के इस्तीफा देने पर उन्हें नोटिस पीरियड के दौरान मिल रहे वेतन में बढ़ोतरी करके सैलरी (Salary Hike) देती है.

US मार्केटिंग कंपनी में पॉलिसी
नौकरी छोड़ने (Job Quit) पर भी अपने कर्मचारियों को सौगात देने की यह अनोखी पॉलिसी एक अमेरिकी मार्केटिंग एजेंसी (US Marketing Agency) में लागू है. इसका उद्देश्य दरअसल, यह है कि जो कर्मचारी इस्तीफा दे रहा है, उसे जाते समय भी एक अच्छा माहौल मिले और वो खुश होकर कंपनी से विदा ले, उसे कोई हार्ड फीलिंग न हो. इस पॉलिसी के तहत कंपनी उस कर्मचारी को नोटिस पीरियड के दौरान वेतन वृद्धि देता है. कंपनी ऐसे एंप्लाई को 10 फीसदी तक बढ़ा हुआ वेतन देती है. 

फाउंडर ने बताया कैसे करती है काम
Gorilla नामक मार्केटिंग एजेंसी में यह पॉलिसी लागू है. कंपनी के फाउंडर जॉन फ्रैंको (Jon Franko) ने एक लिंक्डइन पोस्ट में अपनी कंपनी की इस पॉलिसी के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि जैसे ही एक कर्मचारी हमारी गोरिल्ला फर्म को छोड़ने का फैसला ले लेता है और कंपनी को इस बारे में जानकारी देता है. तो उसे अलग-अलग तरीकों से मनाकर रोकने की कोशिश नहीं की जाती, बल्कि कम से कम छह हफ्ते का नोटिस पीरियड सर्व करने वाले ऐसे किसी भी फुल टाइम एंप्लाई को उसके बाकी समय के लिए 10 फीसदी सैलरी हाइक दिया जाता है. हालांकि, इस दौरान हम उनसे बढ़ी हुई सैलरी के साथ तीन महीने का नोटिस सर्व करने के लिए जरूर कहते हैं. 

गोरिल्ला फाउंडर जॉन फ्रैंक
गोरिल्ला फाउंडर जॉन फ्रैंक

इस पॉलिसी का यह उद्देश्य
Jon Franko ने अपने लिंक्डइन अकाउंट पर एक पोस्ट के जरिए कंपनी की इस पॉलिसी और इसके उद्देश्य के बारे में बताया है. उन्होंने लिखा कि ऐसा करके हम अपने कर्मचारियों को कुछ अलग अहसास दिलाने की कोशिश करते हैं, जिससे उन्हें ऐसा कतई फील न हो कि वो गलत जगह हैं. इसके अलावा इस पॉलिसी की मदद से हमें आगे बढ़ने के लिए तैयार होने का अवसर भी मिल जाता है. उन्होंने कहा, हमारा पूरा फोकस इस बात पर रहता है कि जो कर्मचारी हमें छोड़कर जा रहा है, उसे बिल्कुल भी खराब महसूस न होने पाए. 

बदलाव को आसान बनाने की मुहिम
कंपनी फाउंडर Jon Franko ने आगे कंपनी छोड़ने वाले एक कर्मचारी का उदाहरण दिया. उन्होंने लिखा कि वह एंप्लाई इस्तीफा देने के लिए हमारे पास आया और बताया कि वह तीन महीने के भीतर चला जाएगा. इसके बाद हमने उसकी सैलरी में 10 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी और इसके साथ ही उसकी जगह काम करने वाले उचित कैंडिडेट की तलाश तेज कर दी. इस समय में हमें उसकी जगह कोई दूसरा कर्मचारी मिल गया और छोड़ने वाला कर्मचारी भी खुशी के साथ विदा हो गया. दरअसल, इससे बदलाव बेहद आसान सा हो गया. 

फ्रैंको ने आगे कहा कि, हम वास्तव में ऐसा बिल्कुल भी नहीं चाहते कि कोई कर्मचारी हमें छोड़कर जाए. लेकिन ऐसा सोचना कि हर कर्मचारी हमारी कंपनी के साथ ही रिटायर होगा, ये सोचना निश्चित तौर पर बेवकूफी होगी. हम ऐसी कोशिश कर सकते हैं, कि बदलाव जितना संभव हो, आसान बन सके. 

 

TOPICS:
आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें