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Novartis Lay-Off: इस Pharma कंपनी ने एक झटके में 8000 कर्मचारियों को किया बाहर, जानें क्यों?

Swiss Pharma Major Novartis ने दुनियाभर में मौजूद अपनी अलग-अलग ब्रांचों में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है. रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 8000 कर्मचारियों को कंपनी ने एक झटके में नौकरी से निकाल दिया है.

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 नोवार्टिस फार्मा ने 8000 कर्मचारियों को निकाला नोवार्टिस फार्मा ने 8000 कर्मचारियों को निकाला
स्टोरी हाइलाइट्स
  • दुनियाभर में नोवार्टिस के 1,08,000 कर्मचारी
  • कंपनी ने अप्रैल में दे दिए थे कर्मचारियों की छंटनी के संकेत

स्विस फार्मा कंपनी नोवार्टिस (Novartis) बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी (Lay-Off) करके सुर्खियों में आ गई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, कॉस्ट कटिंग का हवाला देते हुए कंपनी ने दुनिया के अलग-अलग देशों में मौजूद अपनी ब्रांचों से तकरीबन 8000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. 

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, नोवार्टिस (Novartis) कंपनी ने इस छंटनी को लेकर कहा है कि दुनियाभर (Globally) में अपनी ब्रांचों में से 7 फीसदी कर्मचारियों की छंटनी की योजना बनाई गई थी, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है. कंपनी की ओर से बयान जारी कर छंटनी (Lay-Off) के इस निर्णय को री-स्ट्रक्चरिंग पुश (Restructuring Programme) करार दिया गया है. 

रिपोर्ट में कहा गया है कि नोवार्टिस कंपनी की अलग-अलग देशों में स्थित ब्रांचों में लगभग 1,08,000 कर्मचारी काम करते हैं. इसमें कहा गया है कि कंपनी अप्रैल महीने में इस तरह की छंटनी करने के संकेत दिए थे. मंगलवार को इस बात की पुष्टि की गई कि कंपनी के अपनी कई ब्रांचों में से हजारों की संख्या में कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है. हालांकि, छंटनी के शिकार हुए कर्मचारियों की स्पष्ट संख्या के बारे में खुलासा नहीं किया गया है. 

छंटनी को लेकर जारी एक रिपोर्ट की मानें तो नोवार्टिस के स्विटजरलैंड स्थित ब्रांच में जहां 11,600 कर्मचारी काम करते हैं, उनमें से 1,400 कर्मचारियों की छंटनी की गई है. जबकि वैश्विक स्तर पर लगभग 8,000 कर्मचारी इस छंटनी की हद में आए हैं. कर्मचारियों को भेजे गए ईमेल में कंपनी के चीफ वास नरसिम्हन ने कहा कि यह छंटनी री-स्ट्रक्चरिंग पुश का हिस्सा है. 

नरसिम्हन ने कहा है कि कंपनी को नया रूप देने के लिए इस तरह का कठोर कदम उठाना जरूरी है. नोवार्टिस की ओर से जो योजना बनाई गई थी, उसके मुताबिक री-स्ट्रक्चरिंग कार्यक्रम के तहत कंपनी का लक्ष्य साल 2024 तक 1 अरब डॉलर की बचत करने का है. नरसिम्हन ने जानकारी देते हुए बताया कि जहां भी कर्मचारियों की संख्या अधिक होगी, वहां छंटनी की जाएगी. 


 

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