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अब इस अमेरिकी कंपनी में मचा है बवाल, 3 मिनट लेट ऑफिस आने पर महिला कर्मचारी को निकाला

कॉफी कंपनी ने एक दिन काम पर तीन मिनट लेट आने का हवाला देकर नौकरी से निकालने का ऐलान सुना दिया. कंपनी ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब पहले ही कर्मचारियों के साथ उसके संबंध ठीक नहीं हैं. अमेरिका में स्टारबक्स के 200 से ज्यादा स्टोर्स के कर्मचारियों ने लेबर यूनियन बनाने के पक्ष में वोट दिया है. वहीं स्टारबक्स लेबर यूनियन के गठन का विरोध कर रही है.

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विवादों में स्टारबक्स विवादों में स्टारबक्स

कॉफी चेन चलाने वाली अमेरिकी कंपनी स्टारबक्स (Starbucks) का विवादों से पीछा ही नहीं छूट रहा है. लेबर यूनियन (Labour Union) बनाने की मांग को लेकर कर्मचारियों के साथ मतभेदों के बाद अब कंपनी एक नई वजह से विवादों में है. दरअसल स्टारबक्स ने अपनी एक महिला कर्मचारी को बस इस कारण नौकरी से निकाल दिया कि वह काम पर आने में तीन मिनट लेट हो गई थी. इसकी खबर सामने आते ही मामले ने काफी तूल पकड़ लिया है.

कर्मचारी कर रहे लेबर यूनियन की मांग

बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्टारबक्स ने जिस कर्मचारी को नौकरी से निकाला है, उसका नाम जोसेलिन चुकिलांकी (Joselyn Chuquillanqui) है. जोसेलिन पिछले सात सालों से स्टारबक्स में काम कर रही थी. उसे कॉफी कंपनी ने एक दिन काम पर तीन मिनट लेट आने का हवाला देकर नौकरी से निकालने का फरमान सुना दिया. कंपनी ने यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब पहले ही कर्मचारियों के साथ उसके संबंध ठीक नहीं हैं. अमेरिका में स्टारबक्स के 200 से ज्यादा स्टोर्स के कर्मचारियों ने लेबर यूनियन बनाने के पक्ष में वोट दिया है. वहीं स्टारबक्स लेबर यूनियन के गठन का विरोध कर रही है.

जोसेलिन को भारी पड़ गया ये काम

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 28 साल की जोसेलिन को स्टारबक्स की अपनी नौकरी काफी पसंद थी. उसे इस नौकरी के बाद अपनी भतीजी की देखभाल करने का पर्याप्त समय मिल जाता था. हालांकि जोसेलिन को पहली बार कोरोना महामारी के दौरान कंपनी की सिक लीव पॉलिसी से समस्या हुई थी. तब उसने कंपनी के साथी कर्मचारियों को लेबर यूनियन बनाने के पक्ष में एकजुट किया था.' जोसेलिन को नौकरी से निकाले जाने के कंपनी के कदम को इससे जोड़कर देखा जा रहा है.

पहले से परेशान कर रहे थे सीनियर्स

जोसेलिन ने खुद बीबीसी को बताया कि कर्मचारियों को लेबर यूनियन के पक्ष में तैयार करने के उसके प्रयासों के बाद से ही उसके सीनियर्स उसे परेशान करने लगे थे. अन्य कर्मचारियों की जो गलतियां माफ हो जाती थीं और उनके ऊपर किसी का ध्यान तक नहीं जाता था, उसी गलती के लिए जोसेलिन को दंडित किया जाने लगा. एक बार वह स्टोर की चाबी कहीं रखकर भूल गई. उसने तत्काल अपने मैनेजर को इस बारे में सूचित भी कर दिया. बाद में चाबी स्टोर के अंदर ही मिली, लेकिन इसके बाद भी कंपनी ने जोसेलिन के ऊपर सुस्ती का हवाला देकर एक्शन लिया. और अब तीन मिनट की देरी का हवाला देकर कंपनी ने उसे काम से ही निकाल दिया है.

स्टारबक्स से जुड़े हैं इतने लाख लोग

आपको बता दें कि स्टारबक्स की गिनती दुनिया के सबसे बड़े कॉफी रिटेलर्स में होती है. अमेरिका के कॉफ बाजार में तो स्टारबक्स का काफी दबदबा है. कंपनी का मुख्यालय स्टारबक्स सेंटर नाम से जाना जाता है, जो वाशिंगटन के सीएटल में स्थित है. साल 2021 के आंकड़ों के अनुसार कंपनी की कुल संपत्ति की वैल्यू 31.39 बिलियन डॉलर थी और इसके साथ 3.83 लाख कर्मचारी जुड़े हुए थे.

भारत में तेजी से फैला है कारोबार

स्टारबक्स ने भारत में टाटा समूह के साथ मिलकर बिजनेस की शुरुआत की थी. इसके भारतीय कारोबार में स्टारबक्स और टाटा समूह दोनों की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी है. भारत में कंपनी का पहला स्टोर मुंबई के Horniman Circle में साल 2012 में खुला था. उसके बाद से पिछले 10 सालों के दौरान स्टारबक्स का भारतीय कारोबार तेजी से बढ़ा है. कंपनी ने साल 2018 में भारत में अपने 100वें स्टोर की शुरुआत की थी. अभी भारत में स्टारबक्स के 200 से ज्यादा स्टोर हैं, जहां 2000 से ज्यादा लोग काम करते हैं.

 

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