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Gold Price: सोना हर रोज हो रहा है सस्ता, हफ्ते भर में इतना गिर गया भाव...

पिछले सप्ताह अमेरिका में महंगाई के अलावा कुछ अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े भी जारी हुए. लेबर मार्केट की मजबूती, खुदरा बिक्री के आंकड़े आदि के चलते एनालिस्ट मान रहे हैं कि फेडरल रिजर्व इस सप्ताह एक झटके में ब्याज दर को 01 फीसदी यानी 100 बेसिस प्वाइंट बढ़ाने का ऐलान कर सकता है. इनके अलावा डॉलर इंडेक्स की मजबूती भी सोने को कमजोर कर रही है.

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6 महीने में सबसे सस्ता हुआ सोना (Photo: Reuters)
6 महीने में सबसे सस्ता हुआ सोना (Photo: Reuters)

अमेरिका में पिछले सप्ताह महंगाई के आंकड़े (US Inflation Data) जारी होने के बाद दुनिया भर के बाजारों में इन्वेस्टर्स सतर्कता बरत रहे हैं. दरअसल, पिछले सप्ताह जारी हुए आंकड़े अनुमान से खराब रहे. इसके बाद माना जा रहा है कि फेडरल रिजर्व इस सप्ताह ब्याज दर (US FED Rate Hike) में तेज बढ़ोतरी कर सकता है. इस कारण इन्वेस्टर्स अन्य माध्यमों के बजाय अमेरिकी डॉलर में निवेश करना पसंद कर रहे हैं. इसके अलावा डॉलर बॉन्ड की यील्ड (USD Bond Yield) बढ़ने के चलते भी इन्वेस्टर्स सुरक्षित निवेश के रूप में अमेरिकी डॉलर को हाथों-हाथ ले रहे हैं, जिसका खामियाजा सोने (Gold Prices) को भुगतना पड़ रहा है. इसके अलावा घरेलू स्तर पर मांग में नरमी भी सोने को कमजोर कर रही है. इन कारणों से घरेलू बाजार में पिछले सप्ताह सोने की कीमतों में पिछले सप्ताह करीब 1,500 रुपये यानी 3 फीसदी की गिरावट आई.

इन कारणों से गिर रहा है भाव

पिछले सप्ताह अमेरिका में महंगाई के अलावा कुछ अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े भी जारी हुए. लेबर मार्केट की मजबूती, खुदरा बिक्री के आंकड़े आदि के चलते एनालिस्ट मान रहे हैं कि फेडरल रिजर्व इस सप्ताह एक झटके में ब्याज दर को 01 फीसदी यानी 100 बेसिस प्वाइंट बढ़ाने का ऐलान कर सकता है. इनके अलावा डॉलर इंडेक्स की मजबूती भी सोने को कमजोर कर रही है. सोने के भाव में इस सप्ताह भी गिरावट का रुख कायम है. आज सुबह फ्यूचर ट्रेड में सोना एमसीएक्स पर 0.3 फीसदी गिरकर 49,237 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. यह सोने की कीमतों का करीब छह महीने का सबसे निचला स्तर है. चांदी एमसीएक्स पर सुबह लगभग स्थिर रहकर 56,820 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी.

ग्लोबल मार्केट में भी बड़ी गिरावट

ग्लोबल मार्केट में हाजिर बाजार में सोने का भाव आज (US Gold Spot Prices) 0.42 फीसदी गिरकर 1,667.85 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. अमेरिका में गोल्ड फ्यूचर की कीमत (US Gold Future Prices) भी आज गिरावट का शिकार हो गई. सोने के साथ ही चांदी के भाव में भी तेजी से गिरावट आ रही है. ग्लोबल मार्केट में स्पॉट सिल्वर का भाव (US Silver Spot Prices) 0.22 फीसदी कम होकर 19.36 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. प्लैटिनम (Platinum Prices) भी 0.47 फीसदी सस्ता होकर 902.73 डॉलर प्रति औंस पर आ गया. इसी तरह पैलेडियम (Palladium Prices) का भाव 0.89 फीसदी गिरकर 2,115.22 डॉलर प्रति औंस पर आ गया.

सोने की किस्मत तय करेगा फेड

अमेरिकी डॉलर में पिछले कुछ समय से लगातार तेजी आ रही है. डॉलर का रेट अभी करीब 20 साल में सबसे मजबूत है. दुनिया की प्रमुख 06 मुद्राओं के बास्केट में डॉलर इंडेक्स आज सुबह 0.2 फीसदी मजबूत होकर 109.84 पर पहुंच गया था. वहीं अमेरिका में ट्रेजरी यील्ड 10 साल में सबसे ज्यादा है. इस कारण निवेशकों के सामने सुरक्षित निवेश के बेहतर रिटर्न वाले उपाय उपलब्ध हैं. सोना समेत अधिकांश महंगी धातुओं की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा कारण यही है.

फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की ब्याज दर बढ़ोतरी इसमें और योगदान दे रही है. फेडरल रिजर्व इस सप्ताह की नीतिगत बैठक में ब्याज दर (Federal Reserve Rate Hike) एक झटके में 1 फीसदी बढ़ाने का ऐलान कर सकता है. एनालिस्ट मान कर चल रहे हैं कि 0.75 फीसदी रेट हाइक में कोई संदेह नहीं है, बल्कि हो सकता है फेडरल रिजर्व एक बार में रेट को 1 फीसदी बढ़ा दे. फेडरल रिजर्व के इस ऐलान के बाद सोना-चांदी की आगे की चाल का अंदाजा लग सकेगा.

6 महीने में 6000 रुपये सस्ता

घरेलू बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में पिछले सप्ताह से लगातार गिरावट आ रही है. अक्टूबर एक्सपायरी वाली एमसीएक्स गोल्ड फ्यूचर 0.38 फीसदी की गिरावट के साथ 49,190 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है. हालांकि, दिसंबर एक्सपायरी वाला सिल्वर फ्यूचर 0.13 फीसदी की मामूली तेजी के साथ 56,796 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा था. घरेलू बाजार में सोना इस साल मार्च के मध्य में 55,200 रुपये प्रति 10 ग्राम तक चढ़ गया था. इस तरह देखें तो अभी सोना अपने हाई लेवल की तुलना में करीब 6,000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता बिक रहा है. 

सरकार ने बढ़ा दी है बेसिक इम्पोर्ट ड्यूटी

सरकार ने हाल ही में सोने के आयात पर बेसिक इम्पोर्ट ड्यूटी (Basic Import Duty) को बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया है. इससे पहले इसकी दर 7.5 फीसदी थी. भारत सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है. घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को ज्यादातर सोना आयात करना पड़ता है. कच्चा तेल के बाद सोना भारत के इम्पोर्ट बिल (Import Bill) के सबसे बड़े कंपोनेंट में से एक है. सरकार ने शुल्क कम करने का फैसला सोने की डिमांड को कम करने के लिए लिया था. हालांकि ग्लोबल मार्केट में भाव कम होने से भारत में भी सोना सस्ता हो रहा है. बाजार के जानकारों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने के भाव में और गिरावट देखने के मिल सकती है.

 

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