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इस छोटे शहर में दिल्ली-मुंबई से भी महंगे होटल, मीलों पीछे छूटे सारे महानगर

कोविड-19 ने भारत में होटलों की डिमांड में भारी बदलाव किया है. कोविड-19 से पहले 2018-19 तक भारत में सैर सपाटे, मस्ती वाले शहरों के साथ ही दिल्ली-मुंबई जैसे मेट्रो शहरों के होटलों का बोलबाला था. लेकिन अब 2021-22 में लोगों ने टॉप-15 शहरों की तस्वीर तो बदल ही दी है, साथ ही कभी सबसे महंगे रहे शहरों में होटलों के कमरों के किराए भी कम हो गए हैं.

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इस शहर में सबसे महंगे होटल
इस शहर में सबसे महंगे होटल

अगर किसी से पूछा जाए कि देश के किस शहर में सबसे महंगा होटल मिलेगा, तो शायद सबके जहन में पहले दिल्ली-मुंबई का ही ख्याल आएगा. आखिरकार इनमें से एक शहर देश की राजधानी है, तो दूसरी को कमर्शियल कैपिटल कहा जाता है. हालांकि दिल्ली-मुंबई तो छोड़िए, कोलकाता, चेन्नई जैसे अन्य महानगरों के साथ ही बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे बड़े शहर भी सबसे महंगे होटल की लिस्ट में बहुत पीछे छूट गए हैं.

कंसल्टिंग फर्म Hotelivate की मानें तो देश में 2021-22 के दौरान सबसे महंगे होटल रूम ऋषिकेश में थे. इसकी कैलकुलेशन Revenue Per availbale room जिसे आमतौर पर RevPAR कहा जाता है, के आधार पर होती है. Hotelivate ने यह सर्वे केवल ब्रांडेड होटल्स के मामले में किया है. इस सर्वे में देश के करीब 1300 ब्रांडेड होटल्स को शामिल किया गया और केवल वही शहर इसमें चुने गए, जहां कम से कम 5 ब्रांडेड होटल्स हैं.
     
कोविड-19 से बदली महंगे होटल वाले शहरों की तस्वीर

दरअसल, कोविड-19 ने भारत में होटलों की डिमांड में भारी बदलाव किया है. कोविड-19 से पहले 2018-19 तक भारत में सैर सपाटे, मस्ती वाले शहरों के साथ ही दिल्ली-मुंबई जैसे मेट्रो शहरों के होटलों का बोलबाला था. लेकिन अब 2021-22 में लोगों ने टॉप-15 शहरों की तस्वीर तो बदल ही दी है, साथ ही कभी सबसे महंगे रहे शहरों में होटलों के कमरों के किराए भी कम हो गए हैं. अगर 2018-19 की Hotelivate की लिस्ट की तुलना 2021-22 से की जाए तो कुछ ऐसी तस्वीर नजर आती है...

सबसे महंगे होटल वाले शहरों की लिस्ट (किराया रुपये में)

2021-22 के सबसे महंगे शहर किराया 2018-19 के सबसे महंगे शहर किराया
ऋषिकेश 10,042 उदयपुर 7,849
उदयपुर  6,412 मुंबई 6,450
रणथम्बौर 6,291 गोवा 5,768
कुमाराकोम 5,659 शिमला 5,315
शिमला 5,634 नई दिल्ली 4,997
मसूरी 5,312 मसूरी 4,836
श्रीनगर 5,259 गुरुग्राम 4,453
गोवा 4,890 वाराणसी 4,255
कोवलम 4,295 बेंगलुरु 4,206
चंडीगढ़ 3,421 आगरा 4,067
जोधपुर 3,385 कोलकाता 4,062
लोनावला 3,260 नोएडा 4,015
मुंबई 3,079 हैदराबाद 3,764
नई दिल्ली 2,997 जोधपुर 3,721
जैसलमेर  2,836 चंडीगढ़ 3,713

इस लिस्ट को देखकर साफ हो जाता है कि किस तरह से बिजनेस फोकस्ड शहरों की जगह अब घूमने फिरने वाले शहरों ने ले ली है, जिसमें धार्मिक नगरी ऋषिकेश ने टॉप किया है.

Hotelivate के फाउंडर चेयरमैन मानव थडानी के मुताबिक, इस बार उन शहरों में होटलों की ज्यादा डिमांड रही है, जो बड़े शहरों के नजदीक हैं. इसकी वजह है कि कोविड-19 के दौरान फ्लाइट्स के टिकट काफी महंगे थे और प्रतिबंधों के चलते फ्लाइट में सफर करना भी काफी लोगों के लिए असहज था. ऐसे में उन्होंने अपने शहरों के नजदीक मौजूद डेस्टिनेशंस का चुनाव किया. इसकी वजह से ही दिल्ली-NCR के नजदीक ऋषिकेश और मुंबई के नजदीक स्थित लोनावला को फायदा मिला.

इसके अलावा वर्क फ्रॉम होम की वजह से भी लोग अपने शहरों से दूर सुकून की तलाश में निकले, जहां से वो काम भी कर सकें और दौड़भाग से भी बच सकें, इस वजह से भी ऋषिकेश जैसे शहरों की मांग बढ़ी, क्योंकि किसी भी इमरजेंसी में उनके लिए वापस घर या दफ्तर सड़क मार्ग से 4-5 घंटे में लौटना मुमकिन था.

महंगे शहरों में घट गए होटल के किराए

इस लिस्ट में कुछ दिलचस्प बदलाव भी देखने को मिले हैं, जैसे...

  • जिन शहरों के होटलों का किराए के लिहाज से 2018-19 में दबदबा था, वहां पर किराए 3 साल पहले के मुकाबले घट गए हैं.
  • होटलों के किराए के लिहाज से मुंबई जहां दूसरा सबसे महंगा शहर था, वहीं अब ये 13वें नंबर पर लुढ़क गया है.
  • नई दिल्ली भी पांचवें से 14वें नंबर पर लुढ़क गया है.
  • श्रीनगर, विक्की कौशल व कैटरीना की शादी के बाद टूरिज्म बढ़ने से रणथम्बौर और कोवलम पहली बार महंगे होटलों के मामले में टॉप 15 में आए हैं.
  • दिल्ली-NCR के शहरों नोएडा और गुरुग्राम के साथ ही आगरा भी टॉप 15 से ही बाहर हो गया है.

घरेलू टूरिज्म में बढ़ी विदेश जाने वालों की दिलचस्पी

नए शहरों की एंट्री की एक बड़ी वजह करीब 2 साल तक विदेशी उड़ानों पर लगा प्रतिबंध भी रहा. इसकी वजह से विदेश यात्रा पर जाने वाले पर्यटकों के लिए सीमित विकल्प बचे थे. ऐसे में लोगों ने देश में ही नए-नए पर्यटन स्थल खोजकर वहां जाना शुरू किया. देश के टूरिस्ट स्पॉट्स की ये डिस्कवरी लोगों को खूब पसंद आई और उन्होंने यहां पर घूमना शुरू किया.

Hotelivate के मुताबिक अब फिर से बिजनेस ट्रैवल शुरु होने से बिजनेस शहरों में होटलों की डिमांड बढ़ सकती है, लेकिन अपनी गाड़ी से नजदीकी शहरों में जाने का ये सिलसिला भी अभी थमने वाला नहीं है. साथ ही ये घरेलू टूरिज्म की बढ़ती चाहत थी, जिसने कोविड काल में देश में टूरिज्म इंडस्ट्री को संजीवनी प्रदान की. अब धीरे-धीरे बिजनेस डेस्टिनेशंस में भी मांग बढ़ने से पूरे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बड़ा फायदा मिलने का अनुमान है.

 

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