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कोरोना संकट से इंडिगो के लिए करो या मरो की हालत, अब तक का रिकॉर्ड घाटा 

अप्रैल से जून 2021 की तिमाही में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की वजह से यात्राओं में काफी कमी आई. इसकी वजह से इंडिगो को काफी नुकसान हुआ है.

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इंडिगो एयरलाइन को भारी घाटा (फाइल फोटो: Airbus.com)
इंडिगो एयरलाइन को भारी घाटा (फाइल फोटो: Airbus.com)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • एविएशन सेक्टर की हालत खराब
  • इंडिगो को हुआ भारी घाटा

कोरोना संकट एविएशन सेक्टर के लिए काफी घातक साबित हो रहा है. सभी एयरलाइंस की हालत खराब है. देसी एयरलाइन इंडिगो (IndiGo) के लिए तो करो या मरो की हालत पैदा हो गई है. इंडिगो को जून की तिमाही में अब का सबसे ज्यादा घाटा हुआ है. 

कंपनी द्वारा जारी तिमाही नतीजों के मुताबिक उसे अप्रैल से जून 2021 की तिमाही में 3,180.2 करोड़ रुपये का घाटा  हुआ है. गौरतलब है कि इस दौरान कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की वजह से यात्राओं में काफी कमी आई. इसकी वजह से इंडिगो को काफी नुकसान हुआ है.

मुनाफे पर काफी चोट

यही नहीं, इस दौरान एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम में तेजी से बढ़त होने की वजह से भी कंपनी के मुनाफे पर काफी चोट पहुंची है. इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह रही है कि इंडिगो की नकदी काफी तेजी से खत्म हो रही है. 

उदाहरण के लिए 30 जून, 2021 तक इंडिगो के पास  5,602.7 करोड़ रुपये की नकदी थी, जो कि पिछले साल की समान अवध‍ि के मुकाबले 7.5 फीसदी कम है. 

नकदी तेजी से कम हो रही

एक प्रमुख ब्रोकरेज हाउस के एनालिस्ट कहते हैं, 'जब प्रतिस्पर्धा का माहौल रहा तो इंडिगो के लिए सबसे अच्छी बात यही थी कि उसके पास पर्याप्त नकद भंडार था. लेकिन ऐसा लगता है कि अब इस सहूलियत में कमी आ रही है. इसके साथ ही एयरलाइन का कर्ज भी काफी बढ़ गया है. यह जून 2020 के 23,551.6 करोड़ रुपये से बढ़कर जून 2021 में 31,690.1 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.' 

जानकारों के मुताबिक इस लो कॉस्ट कैरियर को अपने संचालन के लिए हर दिन 33.4 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं, जो एक साल पहले के मुकाबले 76 फीसदी ज्यादा है. इसकी वजह से इसकी नकदी तेजी से कम हो रही है. 

(www.businesstoday.in के इनपुट पर आधारित) 

 

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