scorecardresearch
 

चीन में फिर लॉकडाउन का खतरा, 15 दिन से गिर रहा बाजार, इकोनॉमी चौपट!

Corona का साया एक बार फिर से चीन (China) की अर्थव्यवस्था पर मंडराता नजर आ रहा है. इसका असर चीनी शेयर बाजारों (China Stock Market) में गिरावट के रूप में दिखाई भी देने लगा है. निवेशकों में संक्रमण बढ़ने पर फिर से लॉकडाउन लगने की चिंता बढ़ गई है.

X
लॉकडाउन की चिंता से टूटा चीनी शेयर बाजार
लॉकडाउन की चिंता से टूटा चीनी शेयर बाजार
स्टोरी हाइलाइट्स
  • 15 दिन में नौ फीसदी टूटा चीन का शेयर बाजार
  • लॉकडाउन लगने के डर से सहमे चीनी निवेशक

जहां एक ओर बढ़ती महंगाई और अन्य कारणों से दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं का बुरा हाल है, तो वहीं दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी चीन खतरे में नजर आ रही है. एक बार फिर कोरोना इसका बड़ा कारण बनकर सामने आया है. 

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के वित्तीय बाजार (China Financial Markets) इकोनॉमी में सुस्ती के संकेत दे रहे हैं. कोरोना के बढ़ते मामले देश की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा बन रहे हैं. इसमें अनुमान जताया गया है कि अगर कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप पर लगाम लगाने के लिए लॉकडाउन का सहारा लिया जाता है, तो यह इकोनॉमी के लिए समस्या खड़ी कर देगा. गौरतलब है कि चीनी शेयर बाजार बीते 15 दिनों में बुरी तरह टूटा है. 

बढ़ते कोरोना का डर

चीन का Hang Seng China Enterprise Index 28 जून के बाद से अब तक करीब नौ फीसदी तक फिसल चुका है. ऐसे में निवेशकों के सामने फिर से चिंता खड़ी हो गई है कि अगर कोरोना के मामले बढ़ते हैं, तो फिर से आर्थिक गतिविधियां ठप हो जाएंगी. कोरोना के खौफ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि संक्रमण का महज एक मामला सामने आने पर ही चीन के स्टील हब माने जाने वाले एक शहर को तीन दिनों के लिए बंद कर दिया गया.

रिपोर्ट में संभावना जताई गई है कि चीन में कोरोना का प्रकोप बढ़ने पर फिर लॉकडाउन का ऐलान हो सकता है. इससे फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप होने का डर है. वहीं कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर भी इसका असर होगा. जबकि, कर्ज का मार झेल रहीं चीन की कंस्ट्रक्शन कंपनियां पहले से ही मुश्किलों का सामना कर रही हैं. इनमें Evergrande Group लोन पर डिफॉल्ट कर सकती है, तो वहीं Iron ore के शेयरों का दाम सात महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है. 

इकोनॉमिक ग्रोथ पर ब्रेक

इकोनॉमी में सुस्ती का एक और संकेत बीते शुक्रवार को जारी किया गया आर्थिक विकास का डेटा दे रहा है. इसमें दूसरी तिमाही में चीन की इकोनॉमिक ग्रोथ महज 1.2 फीसदी रहने की आशंका व्यक्त की गई है. दूसरे शब्दों में कहें तो अर्थव्यवस्था से जुड़े इंडिकेटर्स इस बात की गवाही दे रहे हैं कि दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में गिरावट का सिलसिला शुरू हो चुका है. हालांकि, सरकार को उम्मीद है कि का मानना है कि वह 5.5 फीसदी ग्रोथ का लक्ष्य हासिल कर सकती है.


 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें