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बजट

सड़क पर अन्नदाता, क्या बजट में सरकारी दांव से बैकफुट पर आएंगे किसान?

इस बार का बजट रहेगा बेहद खास
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को वित्त वर्ष 2021-22 का केंद्रीय बजट पेश करेंगी. निर्मला सीतारमण ऐसे समय में यह बजट पेश करने जा रही हैं, जब पिछले करीब 50 दिन दिल्ली की सभी सीमाओं पर किसान नए कृषि कानूनों के विरोध में बैठे हैं. (Photo: File)

 किसानों अपनी मांग पर अड़े
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दरअसल, आंदोलन कर रहे कि किसानों की मांग है कि सरकार सितंबर 2020 में संसद में पारित तीन कृषि बिलों को रद्द करे. जबकि सरकार तमाम संशोधनों के लिए तैयार है. दोनों के बीच 11वें दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला है. सरकार कानून रद्द करने के पक्ष में नहीं है. वहीं किसान नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून को वापस लिए बगैर कोई समाधान नहीं निकल सकता. (Photo: File)

बजट में हो सकता है बड़ा ऐलान
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वैसे सरकार लगातार कह रही है कि इस आंदोलन में पूरे देश के किसान शामिल नहीं हो रहे हैं. ज्यादातर पंजाब, हरियाणा और कुछ संख्या में उत्तर प्रदेश के किसान शामिल हैं. ऐसे में सरकार के सामने 1 फरवरी को बजट है, और बजट में सरकार किसानों को मनाने के लिए बड़ा दांव चल सकती है. (Photo: File)

तीनों कानून किसानों के हित में
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आगामी बजट में, सरकार नए कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अतिरिक्त धन आवंटित कर सकती है. क्योंकि आंदोलन के बीच सरकार लगातार कह रही है कि ये तीनों कानून किसानों के हित में हैं. यही नहीं, सरकार का कहना है कि किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करना उसका लक्ष्य है. (Photo: File)

अमित शाह का बयान
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पिछले दिनों कर्नाटक में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि कृषि कानूनों से किसानों की आय दोगुनी होगी. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की प्रतिबद्धता रही है कि रही है कि वो किसानों का कल्याण करें. तीनों कृषि कानूनों के जरिए किसानों की आय को कई गुना बढ़ाने में मदद करेंगे. अब किसान देश और दुनिया में कहीं भी कृषि उत्पाद बेच सकते हैं. (Photo: File) 

कृषि बजट में लगातार बढ़ोतरी
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अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता किसानों की आय दोगुनी करनी है. शाह ने कहा कि 2013-14 में कृषि बजट 21 हजार 900 करोड़ के लगभग थी, जबकि 2020-21 में कृषि बजट बढ़कर 1 लाख 34 हजार 399 करोड़ हो गया है. सरकार लगातार किसान सम्मान निधि योजना की बात कर रही है. (Photo: File)

बढ़ सकती है किसान सम्मान निधि की राशि
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बढ़ सकती है किसान सम्मान निधि की राशि
वहीं खुद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस बार का बजट बेहद खास होगा. किसानों को भी उम्मीद है कि वित्त मंत्री कृषि क्षेत्र के लिए कुछ खास ऐलान कर सकती हैं. खबरों के मुताबिक किसान सम्मान निधि की राशि में बढ़ोतरी हो सकती है. अभी इस स्कीम के तहत किसान को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं. सरकार इसको बढ़ाकर 10 हजार रुपये तक कर सकती है. योजना का लाभ 11 करोड़ 50 लाख किसान उठा रहे हैं. (Photo: File)

किसानों की आशंकाओं को दूर करेगा बजट
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किसानों की आशंकाओं को दूर करेगा बजट
वहीं सरकार दूसरे विकल्पों पर भी विचार रही है. कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के सामने पुराने कानूनों के विपरीत, बजट 2021 में प्रमुख फसलों के लिए एमएसपी आवंटित करने और कृषि कानूनों के प्रभावी और निर्बाध कार्यान्वयन के लिए धन उपलब्ध कराया जा सकता है. (Photo: File)

कोरोना में खेती का किसानों को मिला साथ
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गौरतलब है कि कोरोना संकट में कृषि का सरकार को साथ मिला है. ऐसे में कृषि सेक्टर से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया जा सकता है. उम्मीद है कि कृषि में बेहतरी के लिए बजट सरकार नई घोषणाएं कर सकती हैं. ग्रामीण क्षेत्र की बुनियादी ढांचे से जुड़ी तमाम योजनाओं के लिए अतिरिक्त फंड के आवंटन से भी कृषि क्षेत्र की तस्वीर में बदलाव देखने को मिलेगा. (Photo: File)