बिहार में बेतिया के मझौलिया प्रखंड स्थित लालसरैया में धनौती नदी पर बना 35 साल पुराना गोडा पुल सोमवार को अचानक ध्वस्त हो गया. पुल का करीब 10 फीट हिस्सा टूटकर नदी में समा गया, जिससे बखरिया चौक एनएच-727 से लालसरैया होते हुए करमवा एवं पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया. घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है और ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है.
स्थानीय लोगों के अनुसार पुल पिछले छह माह से जर्जर स्थिति में था. पुल के बीचों-बीच बड़ा गड्ढा बन गया था तथा रेलिंग भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थी. इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर इस मार्ग से आवागमन कर रहे थे. ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार अधिकारियों को पुल की बदहाल स्थिति की जानकारी दी गई, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
करमवा पंचायत के मुखिया पति मोहन गुप्ता ने बताया कि धनौती नदी पर बने इस पुल का निर्माण लगभग 35 वर्ष पहले हुआ था. पुल की खराब स्थिति को लेकर दो माह पूर्व जिला प्रशासन को लिखित शिकायत भी दी गई थी, लेकिन मरम्मत की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई. परिणामस्वरूप पुल पूरी तरह ध्वस्त हो गया.
पुल टूटने से क्षेत्र की आधा दर्जन पंचायतों के हजारों लोगों का संपर्क प्रभावित हो गया है. किसानों, छात्रों, मरीजों और सब्जी व्यवसायियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई ग्रामीण मजबूरी में पुल के किनारे से नदी पार कर अपने गंतव्य तक पहुंच रहे हैं.
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से शीघ्र वैकल्पिक आवागमन व्यवस्था उपलब्ध कराने और नए पुल के निर्माण की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके तथा आवागमन जल्द से जल्द बहाल हो सके.