1982 के बाद ओजोन में अब तक का सबसे छोटा छेद, NASA ने की पुष्टि

नासा के अनुसार, अंटार्कटिका के ऊपरी वायुमंडल में असामान्य मौसम के पैटर्न के कारण 1982 में वैज्ञानिकों ने इसकी निगरानी शुरू कर दी थी क्योंकि ओजोन परत में छेद अपने सबसे छोटे आकार तक सिकुड़ गया है.

अक्टूबर 2019 में ओजोन के छेद में आई बड़ी गिरावट (फोटो-NASA)
aajtak.in
  • वाशिंगटन,
  • 23 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 12:14 AM IST

  • ओजोन के छेद में सबसे बड़ी गिरावट, 37 सालों में सबसे छोटा छेद
  • मौसम के पैटर्न में बदलाव के कारण 1982 से वैज्ञानिकों की निगरानी
  • 8 सितंबर को छेद का आकार 6.3 मिलियन वर्ग मील रिकॉर्ड किया गया

विश्व स्तर पर बढ़ते तापमान के बीच ओजोन के छेद में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है और यह पिछले 37 सालों में ओजोन के सबसे छोटे छेद के रूप में रिकॉर्ड किया गया है. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा 1982 से ओजोन के छेद के आकार पर नजर बनाए हुए है और इस बार सबसे छोटे छेद के रूप में दर्ज किया गया है.

नासा के अनुसार, अंटार्कटिका के ऊपरी वायुमंडल में असामान्य मौसम के पैटर्न के कारण 1982 में वैज्ञानिकों ने इसकी निगरानी शुरू कर दी थी क्योंकि ओजोन परत में छेद अपने सबसे छोटे आकार तक सिकुड़ गया है.

अक्टूबर 2019 में ओजोन के छेद का आकार (फोटो-नासा)

8 सितंबर 2019 को ओजोन के छेद का आकार (फोटो-नासा)

छेद के आकार में उतार-चढ़ाव

हर साल छेद के आकार में उतार-चढ़ाव आता है और आमतौर पर दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे ठंडे महीनों के दौरान सितंबर के अंत से अक्टूबर के शुरू तक सबसे बड़ा होता है.

अंतरिक्ष से मिले नए आब्जर्वेशंस से पता चलता है कि छेद अब 3.9 मिलियन (39 लाख) वर्ग मील से कम का रह गया है और यह महज 6 हफ्ते पहले 8 सितंबर को 6.3 मिलियन (63 लाख) वर्ग मील के रिकॉर्ड क्षेत्र की तुलना में लगभग आधा हो गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि साल के इस समय के दौरान छेद आमतौर पर लगभग 8 मिलियन वर्ग मील के आकार का होता है.

नासा के अनुसार, ओजोन को नष्ट करने की प्रक्रिया में 'मुख्य घटक' ध्रुवीय समतापमंडलीय बादल (पोलर स्टार्टोस्फेरिक क्लाउड्स) होते हैं. ये अपेक्षाकृत दुर्लभ शरीर सतह से ऊपर 49,000-82,000 फीट (15,000–25,000 मीटर) के बीच ऊंचाई पर समताप मंडल में उच्च होते हैं.

'ओजोन के लिए बहुत अच्छी खबर'

नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में अर्थ साइसेंस के मुख्य वैज्ञानिक पॉल न्यूमैन ने कहा कि यह दक्षिणी गोलार्द्ध में ओजोन के लिए बहुत अच्छी खबर है, लेकिन उन्होंने आगाह भी किया कि इसकी पहचान करना बेहद महत्वपूर्ण है कि इस वर्ष हम जो देख रहे हैं वो गर्म समताप मंडल (वॉर्मर स्टार्टोस्फेरिक टंप्रेचर) के तापमान के कारण है. यह इस बात का संकेत नहीं है कि वायुमंडलीय ओजोन तेजी से रिकवरी करने की दिशा में बढ़ रहा है.

वैज्ञानिक उम्मीद कर रहे हैं कि पृथ्वी की ओजोन परत में खतरनाक छेद , जो दुनियाभर में पराबैंगनी किरणों से नकारात्मक प्रभावों को बढ़ाता है और यह ओजोन-नुकसानदायक रसायनों पर प्रतिबंध लगाने के फैसले के बाद फैल जाएगा, जिनमें से कुछ 1970 के दशक के समय से ही वातावरण में बने हुए हैं.

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