ट्रंप से वार्ता नाकाम, फिर परमाणु मिसाइल परीक्षण की तैयारियों में जुटा किम!

स्थानीय मीडिया ने नेशनल इंटेलीजेंल सर्विस के हवाले से कहा है कि उत्तर कोरिया डोंगचांगरी न्यूक्लियर मिसाइल लॉन्चिग साइट पर मिसाइल टेस्ट की तैयारी कर रहा है. फिलहाल उत्तर कोरिया ने पिछले साल के अंत में उत्तरी प्योंगयॉन्ग के योन्गब्योन्ग में न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स में न्यूक्लियर रिएक्टर पर बंद कर रखा है.

सांकेतिक तस्वीर (ANI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2019,
  • अपडेटेड 9:01 AM IST

पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से उत्तरी कोरियाई शासक किम जोंग उन की दूसरी मुलाकात बिना किसी समझौते के खत्म होने के कुछ ही दिन बाद दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलीजेंल सर्विस (एनआईएस) ने दावा किया कि उत्तर कोरिया उत्तरी प्योंगयॉन्ग के योन्गब्योन्ग में डोंगचांगरी न्यूक्लियर मिसाइल लॉन्चिग साइट पर फिर से न्यूक्लियर मिसाइल टेस्ट करने की तैयारी में जुट गया है.

स्थानीय मीडिया ने नेशनल इंटेलीजेंल सर्विस के हवाले से कहा है कि उत्तर कोरिया डोंगचांगरी न्यूक्लियर मिसाइल लॉन्चिग साइट पर मिसाइल टेस्ट की तैयारी कर रहा है. फिलहाल उत्तर कोरिया ने पिछले साल के अंत में उत्तरी प्योंगयॉन्ग के योन्गब्योन्ग में न्यूक्लियर कॉम्प्लेक्स में न्यूक्लियर रिएक्टर पर बंद कर रखा है.

पिछले साल मई में उत्तर कोरिया ने अपने एकमात्र परमाणु परीक्षण स्थल में मौजूद सुरंगों को ध्वस्त कर दिया था. इसके बाद वहां पर इस तरह की गतिविधियों के कोई संकेत नहीं थे. उत्तर कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम करने के लिए इन सुरंगों को नष्ट किया था. उस दौरान घटनास्थल पर कई विदेशी पत्रकार भी मौजूद थे और इनका कहना था कि उन्होंने एक बड़ा विस्फोट देखा है.

नेशनल इंटेलीजेंल सर्विस का मानना है कि दक्षिण कोरिया की सेना अमेरिका के साथ उत्तरी कोरिया के न्यूक्लियर और मिसाइल से जुड़ी गतिविधियों पर नजर बनाए रखती है. एनआईएस ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अमेरिका के पास भी हमारी जैसी सूचनाएं हैं, लेकिन हम इस पर कुछ नहीं कह सकते कि वहां पर क्या हो रहा है.

पिछले महीने 27-28 फरवरी को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन के बीच वियतनाम की राजधानी हनोई में शिखर वार्ता हुई थी जो बेनतीजा रही. दोनों देशों के बीच एटमी हथियार को लेकर किसी भी तरह का समझौता नहीं हो सका. दोनों नेताओं के बीच दूसरी शिखर वार्ता पिछले साल जून में सिंगापुर में हुई पहली बैठक के करीब आठ महीने बाद हुई.

इस बीच, उत्तर कोरिया के साथ अपने संबंध बेहतर करने के प्रयासों के मद्देनजर दक्षिण कोरिया और अमेरिका बड़े स्तर पर किए जाने वाले सालाना संयुक्त सैन्य अभ्यास को बंद करने पर राजी हो गए हैं. दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में रक्षा मंत्रालय ने भी 3 दिन पहले अपने एक बयान में कहा था कि दोनों सहयोगी इसके बजाय 'मजबूत सैन्य तैयारी के लिए युद्धाभ्यास प्रशिक्षण और संयुक्त कमान अभ्यास' करेंगे. यह निर्णय उत्तर कोरिया के परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर चल रहे कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन करने और उसके साथ सैन्य तनाव कम करने को ध्यान में रखते हुए लिया गया है.

 

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