इराक : प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध बरसाईं गोलियां, 23 की मौत, 135 घायल

हमले के बावजूद प्रदर्शनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं और उन्होंने सुधारों की मांग करते हुए तहरीर स्क्वायर पर विरोध प्रदर्शन करना जारी रखा है.

इराक में विरोध प्रदर्शन की फाइल तस्वीर (IANS)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 3:41 PM IST

  • अल-खलानी स्क्वायर पर जुटे प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी
  • हमलावर काफिले में घुस आए और अंधाधुंध फायरिंग की

बगदाद में प्रदर्शनकारियों पर एक हमले में 23 लोगों की मौत हो गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं. ताजा आंकड़ों में यह बात सामने आई है. हालांकि, हमले के बावजूद शनिवार को लोगों ने सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी रखा. इराक के आंतरिक मामलों के मंत्रालय के एक सूत्र ने समाचार एजेंसी एफे को बताया कि अज्ञात हमलावरों ने शुक्रवार को अल-खलानी स्क्वायर पर प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें 135 घायल भी हो गए.

हमलावरों ने बरसाई गोलियां

हमलावर इलाके में गाड़ियों के काफिले में घुस आए और वहां प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए लोगों पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी. अल-खलानी एक मल्टी-स्टोरी पार्किंग गैरेज के बगल में है, जिस पर दो महीने पहले शुरू हुई मौजूदा लामबंदी के बाद से प्रदर्शनकारियों की ओर से कब्जा कर लिया गया है. यह तहरीर चौक के करीब भी है, जो उस आंदोलन का केंद्र रहा है, जिसके कारण प्रधानमंत्री अदेल अब्दुल-महदी को पहले ही इस्तीफा देना पड़ा. इन हमलों के बावजूद प्रदर्शनकारियों के हौसले पस्त नहीं हुए हैं और उन्होंने सुधारों की मांग करते हुए अल-खलानी स्कवेयर और तहरीर स्कवेयर पर विरोध प्रदर्शन करना जारी रखा.

निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर हमला

इराकी राष्ट्रपति बरहम सालेह ने आपराधिक गिरोहों के आपराधिक हमले की निंदा की, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. उन्होंने हथियारबंद और हिंसक रवैये के बिना किसी भी नागरिक के विरोध और शांतिपूर्ण से प्रदर्शन करने के जायज अधिकार पर जोर दिया. इराक के लिए संयुक्त राष्ट्र महासचिव की विशेष प्रतिनिधि जीनिन हेनिस-प्लास्चर्ट ने भी हमले की निंदा की है. उन्होंने एक बयान में कहा कि हथियारबंद लोगों की ओर से निहत्थे प्रदर्शनकारियों की जानबूझकर हत्या इराक के लोगों के खिलाफ अत्याचार से कम नहीं है. उन्होंने कहा कि अपराधियों की पहचान की जानी चाहिए और उन्हें बिना देर किए न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए.

हजारों लोग शुक्रवार को तहरीर स्क्वायर पर पहुंचे, ताकि यह साफ हो सके कि उनकी मांग एक प्रधानमंत्री को दूसरे के साथ बदलने से परे है. 1 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद से 400 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग घायल हुए हैं.

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