भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव पर कड़ी नजर रख रही है चीन की सेना

भारत और पाकिस्तान के बीच गहराए तनाव पर चीन की सेना भी कड़ी निगाह रख रही है. भारत और पाकिस्तान को ‘चीन के मित्र’ बताते हुए पीएलए ने यह भी कहा कि दोनों देशों को बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाना चाहिए. साथ ही तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए मतभेदों को निपटाना चाहिए.

चीनी सैनिक. फाइल फोटो- रॉयटर्स
aajtak.in
  • बीजिंग,
  • 28 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 9:20 PM IST

चीन की सेना ने गुरुवार को कहा कि वह भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव पर करीब से निगाह रखे हुए है. इसके साथ ही उसने दोनों ही पड़ोसियों से संयम बरतने को कहा है. भारत और पाकिस्तान को ‘चीन के मित्र’ बताते हुए उसने यह भी कहा कि दोनों ही देशों को बातचीत के जरिए विवादों को सुलझाना चाहिए. साथ ही भारत और पाकिस्तान को तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए मतभेदों को निपटाना चाहिए.

आपको बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है. आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के इस आत्मघाती बम हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर पर हवाई हमला किया था. इस हमले में बड़ी संख्या में जैश के आतंकी, ट्रेनर, सीनियर कमांडर और जिहादी मारे गए थे. इन जिहादियों को आत्मघाती बम हमले के लिए तैयार किया जा रहा था. इस शिविर का अगुवा जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर का साला यूसुफ अजहर था.

बुधवार को पाकिस्तान ने दावा किया कि उसने अपने हवाई क्षेत्र में दो भारतीय लड़ाकू जेट विमानों को मार गिराया और दो पायलटों को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि पाकिस्तानी सेना ने फिर अपने बयान को पलटा और कहा कि उसने सिर्फ एक ही भारतीय पायलट को पकड़ा है. समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक बीजिंग में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान चीन रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल रेन गुओचांग ने कहा, ‘हमने भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद का संज्ञान लिया है. हम स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं.’

जब चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता से यह पूछा गया कि क्या पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने तनाव के मद्देनजर सीमाओं पर अपने सैनिकों की मौजूदगी बढ़ा दी है, तो उन्होंने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान दोनों ही चीन के मित्र हैं. हमारा मानना है कि शीर्ष प्राथमिकता संयम बरतना है और बातचीत व तालमेल से मुद्दे को सुलझाना है, ताकि तनाव कम हो.’ उन्होंने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि दोनों पक्ष संयम बरतेंगे, मतभेद निपटाएंगे और तनाव को बढ़ने से रोकेंगे.’

वहीं, गुरुवार को ही पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि वो शुक्रवार को भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ देंगे. वो शांति पहल के तहत यह कदम उठा रहे हैं. बताया जा रहा है कि इससे पहले पाकिस्तान भारतीय पायलट अभिनंदन को लेकर सौदेबाजी के मूड में था, लेकिन भारत राजी नहीं हुआ.

भारत के सख्त रुख के चलते पाकिस्तान को झुकना पड़ा और विंग कमांडर अभिनंदन की वापसी का ऐलान करना पड़ा. अभी तक भारत ने पाकिस्तान की वार्ता की शर्त को भी नहीं माना है. भारत का कहना है कि पाकिस्तान पहले आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करे, जिसके बाद बातचीत की जाएगी. इसके अलावा भारत की तीनों सेनाओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बालाकोट ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा है. इसमें आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों को ध्वस्त किया गया है. सेना के पास इसके पुख्ता सबूत भी हैं. तीनों सेनाओं ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पाकिस्तान बार-बार झूठ बोल रहा है.

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