डॉक्टर को किया गलत साबित, बिना हाथ-पैर के जन्म लेकर बच्चा रहा जिंदा

डॉक्टरों ने जस्मीन को सलाह दी कि प्रेग्नेंसी टर्मिनेट कर दो. लेकिन जस्मीन और उसके पति ने तय किया कि वे बच्चे को जन्म देना पसंद करेंगे.

प्रतीकात्मक फोटो.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 4:54 PM IST

अमेरिका के साउथ कैरोलिना में रहने वाले एक बच्चे ने डॉक्टर की बात को भी गलत साबित कर दिया. बच्चा बिना किसी हाथ और पैर के पैदा हुआ और जिंदा भी बच गया. डॉक्टरों ने कहा था कि जन्म लेते ही बच्चे की मौत हो सकती है.

24 साल की जस्मीन सेल्फ जब 5 महीने की प्रेग्नेंट थी, तभी उसे बेटे की स्थिति के बारे में पता चला. बच्चा ऐसी बीमारी से पीड़ित था जिसमें हाथ और पैर का विकास नहीं हो पाता. प्रेग्नेंसी के दौरान ही पता चला कि बच्चे के चेहरे, दिल और अन्य अंगों में भी दिक्कतें हैं. यह बीमारी दुनिया में गिने चुने बच्चे को ही होती है. इसे tetra-amelia सिंड्रोम कहते हैं.

डॉक्टरों ने जस्मीन को सलाह दी कि प्रेग्नेंसी टर्मिनेट कर दो. लेकिन जस्मीन और उसके पति ने तय किया कि वे बच्चे को जन्म देना पसंद करेंगे. 29वें हफ्ते में बच्चे का जन्म हुआ भी. जन्म के वक्त बच्चा एक किलो का था. उसका पहला दो महीना इंटेंसिव केयर यूनिट में बीता. जस्मीन बतौर होटल रिसेप्शनिस्ट काम करती हैं.

जस्मीन ने कहा कि फैसले लेने में उन्हें काफी मुश्किल हुई थी कि वह प्रेग्नेंसी को जारी रखें या नहीं. डीएनए में जेनेटिक म्यूटेशन की वजह से बच्चों में ये बीमारी होती है. इस बीमारी से ग्रसित बच्चों का जन्म से पहले या फिर जन्म के तुरंत बाद ही मौत हो जाती है. महिला ने शुरुआती चर्चा के बाद प्रेग्नेंसी टर्मिनेट करने के लिए बुकिंग भी कर ली थी, लेकिन आखिरी वक्त में उन्होंने बच्चे को जिंदा रखने का फैसला किया. बच्चे का जन्म सी-सेक्शन से हुआ. बच्चा अब 4 महीने का हो चुका है.

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