क्या आपने कभी सोचा है कि कपड़े फोल्ड करने, पैकिंग करने या सिलाई करने वाला एक आम मजदूर भी AI को ट्रेन कर सकता है? तमिलनाडु के करूर की एक टेक्सटाइल फैक्ट्री से सामने आई कहानी ने सोशल मीडिया पर लोगों को हैरान कर दिया है. यहां काम करने वाले मजदूर GoPro कैमरा पहनकर अपना पूरा दिन रिकॉर्ड कर रहे हैं और यही डेटा भविष्य के AI और रोबोट्स को सिखाने के काम आ रहा है.
फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारी 8 घंटे की शिफ्ट में 100 से 150 घंटे तक का फुटेज रिकॉर्ड करते हैं. वीडियो में कपड़े फोल्ड करना, पैकिंग करना, सिलाई करना और दूसरे रोजमर्रा के काम कैद होते हैं. इस डेटा का इस्तेमाल अमेरिका की AI डेटा सॉल्यूशन कंपनी Objectways कर रही है, जो पिछले करीब दो साल से इस टेक्सटाइल यूनिट के साथ काम कर रही है.
वीडियो में एक कर्मचारी कहता दिखा कि पहले वह इलेक्ट्रीशियन था, लेकिन कम सैलरी की वजह से उसने यह काम शुरू किया. अब उसे पहले से बेहतर कमाई हो रही है और परिवार आराम से चल रहा है.
सबसे दिलचस्प बात यह है कि ये डेटा सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि अमेरिका में भी इस्तेमाल हो रहा है. कंपनी का कहना है कि सभी कर्मचारियों की सहमति लेकर ही रिकॉर्डिंग की जाती है. GoPro कैमरे के जरिए AI को यह सिखाया जा रहा है कि इंसान असल दुनिया में कैसे काम करता है और चीजों को कैसे संभालता है.
देखें 'MO' की ये रिपोर्ट
दरअसल, अब AI सिर्फ चैटबॉट या कंप्यूटर तक सीमित नहीं रहा. कंपनियां 'फिजिकल AI' पर तेजी से काम कर रही हैं, यानी ऐसे रोबोट्स जो इंसानों की तरह मूवमेंट समझ सकें और फैक्ट्री में काम कर सकें. कोविड के बाद इस टेक्नोलॉजी की डिमांड और तेजी से बढ़ी, क्योंकि कंपनियों ने महसूस किया कि इंसान न हों तो पूरा सिस्टम रुक सकता है.
क्या भविष्य में यही AI मजदूरों की नौकरियां छीन लेगा?
हालांकि सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखने के बाद लोगों के मन में एक बड़ा सवाल भी उठा- क्या भविष्य में यही AI मजदूरों की नौकरियां छीन लेगा? इस पर फैक्ट्री कर्मचारियों का कहना है कि AI कितना भी आगे बढ़ जाए, लेकिन इंसानों के बिना पूरी तरह काम नहीं कर सकता.
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ये कर्मचारी खुद ही अपनी 'कब्र खोद रहे हैं. उनका मानना है कि भविष्य में यही AI और ह्यूमनॉइड रोबोट उनकी नौकरियां ले सकते हैं, जिसके बाद समाज में उनकी भूमिका और अहमियत कम हो जाएगी.
हाल ही में Nvidia के CEO ने भी कहा था कि आने वाले समय में AI कोडिंग और IT सेक्टर की कई नौकरियों को टेकओवर कर सकता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा था कि प्लंबर, राज मिस्त्री और दूसरी ब्लू कॉलर नौकरियां फिलहाल ज्यादा सुरक्षित हैं. लेकिन अब कंपनियों की ऐसी तैयारियों को देखकर सोशल मीडिया पर लोग कहने लगे हैं कि AI की नजर सिर्फ व्हाइट कॉलर ही नहीं, बल्कि ब्लू कॉलर जॉब्स पर भी पड़ चुकी है.
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 2025 रिपोर्ट के मुताबिक ऑटोमेशन कुछ नौकरियां खत्म जरूर करेगा, लेकिन AI, रोबोटिक्स और डेटा सिस्टम से जुड़े लाखों नए रोजगार भी पैदा होंगे. यही वजह है कि कई लोग इसे खतरे से ज्यादा भविष्य का बड़ा मौका मान रहे हैं.
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