बारबाडोस टेस्टः ईशांत ने दिलायी बढ़त, बारिश बनी खलनायक

तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा के कैरियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी के दम पर भारत कम स्कोर के बावजूद दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में वेस्टइंडीज पर बढ़त हासिल करने में सफल रहा. बारिश हालांकि फिर से खलनायक बनकर उभरी जिसके कारण तीसरे दिन केवल 42 ओवर का ही खेल हो पाया.

ईशांत शर्मा
भाषा
  • ब्रिजटाउन,
  • 01 जुलाई 2011,
  • अपडेटेड 11:07 AM IST

तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा के कैरियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी के दम पर भारत कम स्कोर के बावजूद दूसरे टेस्ट क्रिकेट मैच में वेस्टइंडीज पर बढ़त हासिल करने में सफल रहा. बारिश हालांकि फिर से खलनायक बनकर उभरी जिसके कारण तीसरे दिन केवल 42 ओवर का ही खेल हो पाया.

ईशांत ने 55 रन देकर छह विकेट लेकर वेस्टइंडीज को 190 रन पर आउट करने में अहम भूमिका निभायी. पहली पारी में 201 रन बनाने वाले भारत को इस तरह से 11 रन की बढ़त मिली. बारिश के कारण भारत की दूसरी पारी में केवल 5.4 ओवर का ही खेल हुआ जिसमें उसने बिना किसी नुकसान के 23 रन बनाये.

भारत की बढ़त अब 34 रन की हो गयी है. अंपायरों ने रुक-रुककर आती बारिश के कारण जब दिन का खेल समाप्त करने की घोषणा की तब अभिनव मुकुंद आठ और मुरली विजय तीन रन पर खेल रहे थे.

भारतीय तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा और वेस्टइंडीज के मध्यक्रम के बल्लेबाज मलरेन सैमुअल्स यदि तीसरे दिन के नायक रहे तो बारिश फिर से खलनायक बनी. वेस्टइंडीज की पारी समाप्त होने के बाद भारत की दूसरी पारी में जब केवल पांच ओवर हो पाये थे तभी बारिश आ गयी जिसके कारण चाय का विश्राम जल्दी लेना पड़ा.

इसके बाद भी बारिश नहीं थमी जिससे दो घंटे का खेल बरबाद हुआ. स्थानीय समयानुसार शाम पांच बजकर दस मिनट पर फिर खेल शुरू हुआ लेकिन अभी केवल चार गेंद ही हो पायी थी कि खराब रोशनी के कारण खेल रोकना पड़ा. इसके बाद अंपायरों ने दिन का खेल समाप्त घोषित कर दिया.

दूसरे दिन का अधिकतर खेल बारिश की भेंट चढ़ने के बाद तीसरे दिन भी लगभग 35 मिनट बाद ही खेल शुरू हो पाया. वेस्टइंडीज ने पांच विकेट पर 98 रन से आगे खेलना शुरू किया लेकिन चंद्रपाल और सैमुअल्स ने विपरीत परिस्थतियों के बावजूद धर्य के साथ बल्लेबाजी की और टीम की जरूरत को देखते हुए विकेट बचाये रखने को तरजीह दी.

भारत को आखिर में दिन की पहली सफलता चंद्रपाल की गलती से मिली. मिथुन की राउंड द विकेट आकर की गयी शार्ट पिच गेंद में अधिक उछाल नहीं थी लेकिन चंद्रपाल इसे पुल करने के उद्देश्य से बैकफुट पर चले गये. वह इसमें असफल रहे और गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटों में समा गयी.

लंच के बाद हरभजन ने नये बल्लेबाज कार्लटन बॉ की स्पिन के खिलाफ कमजोरी का फायदा उठाया. हरभजन की गेंद पर उन्होंने ड्राइव करने की कोशिश लेकिन वह उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर पहली स्लिप में खड़े राहुल द्रविड़ के पास पहुंच गयी. द्रविड़ ने धोनी के करीब से निकली गेंद को अपने बायीं तरफ कैच किया.

बीच में बारिश के कारण लगभग 20 मिनट तक खेल रुका रहा. तब वेस्टइंडीज का स्कोर आठ विकेट पर 189 रन था लेकिन इसके बाद वेस्टइंडीज की पारी तीन गेंद के अंदर सिमट गयी. इशांत ने अपना ओवर आगे जारी रखते हुए लगातार गेंद पर रवि रामपाल और फिदेल एडवर्डस (दोनों शून्य) को आउट करके भारत को बढ़त दिलायी.

ईशांत ने अपने कैरियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. उन्होंने इससे पहले 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ बैंगलोर में 115 रन देकर पांच विकेट लिये थे. उन्होंने अपने कैरियर में दूसरी बार पारी में पांच या इससे अधिक विकेट लिये.

भारत किंग्सटन में पहला टेस्ट मैच 63 रन से जीतकर श्रृंखला में 1-0 से आगे चल रहा है.

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