हर साल मई-जून में लाखों भारतीय मैदानी इलाकों की झुलसा देने वाली गर्मी से बचने के लिए पहाड़ों का रुख करते हैं. शिमला, मनाली, मसूरी और नैनीताल जैसे हिल स्टेशन दशकों से लोगों के लिए एक सुकून भरे टूरिस्ट स्पॉट रहे हैं. लेकिन भारत में 2026 की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं. पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर बसे इन हिल स्टेशनों पर इस बार की गर्मियों में पहले वाली वाली ठंडक और राहत नहीं है.
पहाड़ों की ठंडक हुई गायब
अंग्रेजी वेबसाइट 'हिंदुस्तान टाइम्स' ने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के हवाले से बताया, 20 मई को पूरे हिमाचल प्रदेश में अधिकतम तापमान लगातार बढ़ता रहा जिसमें ऊना शहर में पारा 43.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया.
हिमाचल और उत्तराखंड के कई शहरों में पिछले कई दिनों से तापमान 29 से 32 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है. ऐसे में आप गर्मी से राहत पाने के लिए शिमला और नैनीताल जैसे पहाड़ों इलाकों का रुख आपके लिए बहुत मददगार नहीं होने वाला है.
देवभूमि उत्तराखंड में भी तेज गर्मी
उत्तराखंड भी सैलानियों के बीच बहुत पॉपुलर डेस्टिनेशन है जहां लोग गर्मियों में जाना पसंद करते हैं. दिल्ली से लगभग 6-7 घंटे की दूरी पर मौजूद ये पहाड़ी राज्य अपनी सुंदरता और ठंडे मौसम के लिए जाना जाता है लेकिन इस बार की रिकॉर्ड गर्मी ने उत्तराखंड के पहाड़ों को भी झुलसा दिया है.
उत्तराखंड के सबसे पॉपुलर डेस्टिनेशन में शामिल नैनीताल में पिछले कुछ दिन से अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री दर्ज किया जा रहा है. वहीं, मसूरी में भी पारा 30 से 32 डिग्री के आसपास बना हुआ है.
वहीं, उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भीषण गर्मी की वजह से अधिकतम तापमान 39 से 40 डिग्री तक पहुंच रहा है. टूरिस्ट के बीच बहुत ज्यादा पॉपुलर ऋषिकेश और हरिद्वार में भी तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है और वहां भी भीषण गर्मी पड़ रही है.
पहाड़ों पर जाना है तो पहले कर लें तैयारी
अगर आप इस गर्मी में किसी हिल स्टेशन की यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो पहले पूरी जांच-पड़ताल और तैयारी कर लें.
यात्रा पर निकलने से पहले IMD का मौसम पूर्वानुमान जरूर देख लें. दोपहर के समय जितनी गर्मी की उम्मीद हो उससे ज्यादा गर्मी के हिसाब से कपड़े पैक करें. शरीर में पानी की कमी न होने दें और दोपहर के सबसे गर्म घंटों में बाहर की गतिविधियों से बचें.
अब पहाड़ भी जलवायु परिवर्तन के असर से अछूते नहीं रहे. जलवायु परिवर्तन अब भारत में गर्मियों के नियमों को फिर से लिख रहा है और अब पहाड़ भी इस कहानी का एक हिस्सा बन चुके हैं जो किसी भी लिहाज से अच्छी खबर नहीं है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क