Year Ender: टीम इंडिया ने 2019 में गंवाया सबसे बड़ा खिताब, टूटा सपना

टीम इंडिया को इस वर्ल्ड कप का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन भारतीय टीम का सफर सेमीफाइनल में समाप्त हो गया.

Virat Kohli
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 14 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 5:17 PM IST

2019 में विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम इंडिया का सफर सेमीफाइनल में दर्दनाक हार के साथ ही खत्म हो गया. सेमीफाइनल में टीम इंडिया का रास्ता रोकने वाली न्यूजीलैंड लगातार दूसरी बार फाइनल में पहुंचने में कामयाब रही तो भारत को लगातार दूसरी बार सेमीफाइनल से ही बाहर होना पड़ा. तीसरी बार वर्ल्ड चैंपियन बनने के लिए भारत को अब 2023 का इंतजार रहेगा.

टीम इंडिया को इस वर्ल्ड कप का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा था, लेकिन भारतीय टीम का सफर सेमीफाइनल में समाप्त हो गया. इस वर्ल्ड कप में दुनिया को नया वर्ल्ड चैम्पियन मिला. इंग्लैंड ने पहली बार वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया, वो भी उसी न्यूजीलैंड की टीम को मात देकर जिसने भारत को टूर्नामेंट से आउट किया था.

कोहली ने  2 साल में आईसीसी के 2 टूर्नामेंट गंवाए

विराट कोहली को भारतीय क्रिकेट टीम की कमान पूर्ण रूप से 2014 में मिली थी. महेंद्र सिंह धोनी के टेस्ट टीम से कप्तानी छोड़ने के बाद कोहली को कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई. जनवरी 2017 में धोनी ने सीमित ओवरों के फॉर्मेट से भी कप्तानी छोड़ दी, जिसके बाद कोहली को वनडे और टी-20 की भी कमान सौंप दी गई. कोहली अपनी कप्तानी में आईसीसी के 2 बड़े टूर्नामेंट में भारत की अगुवाई की, लेकिन किसी में भी वह जीत नहीं दिला पाए. आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी-2017 में टीम इंडिया फाइनल में हारी तो वर्ल्ड कप-2019 में उसे सेमीफाइनल से बाहर होना पड़ा.

धोनी के रन आउट से टूटा सपना

वर्ल्ड कप-2019 के दौरान धोनी अपनी धीमी बल्लेबाजी की वजह से आलोचकों के निशाने पर रहे. वह न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में रन आउट हो गए थे, जिसके बाद ही भारत की उम्मीदों पर पानी फिर गया था. टीम इंडिया के वर्ल्ड कप से बाहर हो जाने के बाद धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से ब्रेक ले लिया. वर्ल्ड कप के बाद धोनी ने टेरिटोरियल आर्मी यूनिट के साथ कश्मीर में 15 दिन बिताए. वह वर्ल्ड कप के बाद से अब तक किसी भी इंटरनेशनल क्रिकेट सीरीज का हिस्सा नहीं रहे हैं.

टॉप ऑर्डर के भरोसे ही रह गई टीम

इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने जो भी मैच जीते, उसमें टॉप ऑर्डर और गेंदबाजों की बड़ी भूमिका रही. सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया के टॉप-3 बल्लेबाजों ने बेहद घटिया प्रदर्शन किया. सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा, केएल राहुल और विराट कोहली मात्र 1-1 रन बनाकर आउट हो गए. वनडे इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब किसी टीम के टॉप-3 बल्लेबाज 1 रन के निजी स्कोर पर आउट हुए हों. भारतीय टीम ने 5 रन के स्कोर पर 3 विकेट खो दिए थे.

बैटिंग ऑर्डर मैनेज करने पर नहीं दिया ध्यान

इस वर्ल्ड कप के आखिरी दौर में टीम इंडिया अपने प्लेइंग-11 को लेकर आत्मविश्वास से भरी नजर नहीं आई. सेमीफाइनल में मोहम्मद शमी को बाहर रखना चौंकाने वाल रहा. इस टूर्नामेंट में शमी ने दमदार प्रदर्शन किया था. हालांकि न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया था. सेमीफाइनल में चार विकेटकीपर्स के साथ खेलने का भी कोई मतलब नहीं बनता था. इससे बैटिंग ऑर्डर को मैनेज करने में काफी दिक्कतें आईं.

नंबर-4 को लेकर नहीं दिखे सीरियस

इस वर्ल्ड कप में टीम इंडिया नंबर-4 पर बल्लेबाजी के लिए चेहरा तलाशती रही. यह खोज सेमीफाइनल तक पहुंचने के बाद भी खत्म नहीं हुई, इसका खामियाजा टीम इंडिया को हार के रूप में भुगतना पड़ा. चयनकर्ताओं ने विजय शंकर, दिनेश कार्तिक, लोकेश राहुल और केदार जाधव को चुना था. लेकिन ये सभी नाम इस वर्ल्ड कप में नंबर-4 पर नाकाम रहे. हालांकि, राहुल ने बांग्लादेश के खिलाफ अभ्यास मैच में चौथे नंबर पर खेलते हुए शतक जरूर जमाया था, लेकिन शिखर धवन के चोटिल होने के कारण उन्हें रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी दी गई.

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