PAK तक दादा की धूम, शोएब अख्तर बोले- इंडियन क्रिकेट को इस बंदे ने बदला

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने गांगुली की जमकर तारीफ की है. उन्होंने बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में गांगुली का समर्थन किया है.

शोएब अख्तर- गांगुली
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 16 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 9:26 AM IST

  • गांगुली को सरहद पार से भी बधाइयां मिल रही हैं
  • शोएब अख्तर ने गांगुली की जमकर तारीफ की है

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अगले अध्यक्ष बनने को लेकर पूरी तरह से तैयार हैं. नई भूमिका के लिए अब उन्हें सरहद पार से भी बधाइयां मिल रही हैं. पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने गांगुली की जमकर तारीफ की है. उन्होंने बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में गांगुली का समर्थन किया है.

'उन्हें क्रिकेट का अच्छा ज्ञान है'

शोएब अख्तर ने आईपीएल में गांगुली की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलने वाले अख्तर का मानना है कि गांगुली ने अपने कठिन समय के दौरान खिलाड़ियों की मानसिकता को बदलने के अलावा भारतीय क्रिकेट को भी बदला है, क्योंकि उन्हें क्रिकेट का अच्छा ज्ञान है.

अख्तर ने अपने यू-टयूब चैनल पर कहा, 'मुझे लगा कि हिंदुस्तान के क्रिकेट जो बदलने आया था, एक बंदा था और उसका नाम सौरव गांगुली था. इससे पहले 1997-98 में मुझे कभी नहीं लगा कि हिंदुस्तान शायद पाकिस्तान को हरा पाएगा. या मुझे कभी नहीं लगा कि हिंदुस्तान के पास कभी वह सिस्टम नहीं था कि जिससे वह पाकिस्तान को हरा सके. सौरव ने भारतीय क्रिकेट की मानसिक सोच को बदला है.'

गांगुली की तुलना इमरान खान से

अख्तर ने गांगुली की तुलना इमरान खान से की है. उन्होंने कहा, 'उनमें और इमरान में एक जैसी बात यह थी कि दोनों नए खिलाड़ियों पर भरोसा करते थे. गांगुली अपनी पारखी नजर से हिंदुस्तान के लिए खेलने वाले खिलाड़ी ढूंढ़ लेते थे. यही बात इमरान खान में भी थी, वह ऐसा लड़के चुनते थे जो पाकिस्तान के लिए खेलते हुए धमाके करते थे. उनमें वकार यूनुस, वसीम अकरम, मुश्ताक, आकिब, इंजमाम जैसे खिलाड़ी शामिल थे. यही काम सौरव गांगुली ने किया. उनके रहते हरभजन सिंह, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, गौतम गंभीर, जहीर खान आशीष नेहरा जैसे खिलाड़ियों ने धूम मचाई.

'ये कहना गलता है कि वह मुझसे डरते थे'

शोएब अख्तर ने कहा, 'सौरव गांगुली एक निडर कप्तान थे. लोगों का यह मानना है कि वह मुझसे डरते थे. लेकिन ऐसा नहीं है. हालांकि मैंने उन्हें काफी गेंदें डाली हैं, उन्हें डराया भी है. उनके साथ दिक्कत ये थी कि वह मुझे हुक एंड पुल नहीं कर पाते थे. वह कट्स अच्छा खेलते थे, इसी वजह से वसीम भाई ने एक बार कहा था कि उन्हें रिब्स पर गेंदें मारो, तो मैंने मोहाली में जान बूझकर उनकी पसलियों पर गेंद मारी थी. उन्हें काफी तकलीफ हुई थी. लेकिन वह मुझसे कभी नहीं डरे. अगर मुझसे डरते तो वह मेरे खिलाफ कभी ओपन ही न करने आते.

गौरतलब है कि गांगुली अभी बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष हैं और उनका बीसीसीआई अध्यक्ष बनना तय है क्योंकि इस पद के लिए सिर्फ एक ही नामांकन भरा गया है और वह गांगुली का ही है. गांगुली हालांकि एक साल से भी कम समय के लिए बीसीसीआई बॉस होंगे. सितंबरर 2020 में वह cooling-off period (कूलिंग-ऑफ पीडियड) में चले जाएंगे क्योंकि वह बीते पांच साल से सीएबी के अध्यक्ष हैं.

बीसीसीआई संविधान के मुताबिक कोई भी अधिकारी सिर्फ छह साल के लिए किसी पद पर रह सकता है. अभी बीसीसीआई की कमान प्रशासकों की समिति के पास है लेकिन 23 अक्टूबर को यह समिति गांगुली और उनकी नई टीम को जिम्मेदारी सौंपकर मुक्त हो जाएगी.

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