Ganga Dussehra 2026: कल गंगा दशहरा पर 10 चीजों के दान से संवरेंगी किस्मत! नोट कर लें लिस्ट

Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा 2026 कई दुर्लभ संयोग बन रहा है . जानें 25 मई को स्नान-पूजा का शुभ मुहूर्त और मां गंगा की कृपा पाने के लिए किन 10 चीजों का दान करना बेहद जरूरी है.

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Ganga Dussehra Ganga Dussehra

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 24 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:47 PM IST

Ganga Dussehra 2026: हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का बहुत अधिक धार्मिक महत्व है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को ही मां गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं. राजा भगीरथ की कठिन तपस्या के कारण मां गंगा धरती पर आईं, इसलिए इस पावन दिन को भगीरथी जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने और दान-पुण्य करने से व्यक्ति के कायिक, वाचिक और मानसिक (कुल 10 प्रकार के) पाप धुल जाते हैं. 

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गंगा दशहरा 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

साल 2026 में गंगा दशहरा का महापर्व 25 मई, सोमवार को मनाया जाएगा. इस दिन पूरे समय रवि योग बन रहा है, जिससे इस पर्व का महत्व और भी बढ़ गया है. 

दशमी तिथि का प्रारंभ: 25 मई 2026 को सुबह 04:30 बजे से

दशमी तिथि का समापन: 26 मई 2026 को सुबह 05:10 बजे तक

उदया तिथि की मान्यता: उदया तिथि के अनुसार, गंगा स्नान, व्रत और पूजन 25 मई को करना ही सर्वश्रेष्ठ और शास्त्र सम्मत रहेगा. 

स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:04 बजे से 04:45 बजे तक. 


किस्मत संवारने वाली 10 चीजों की दान लिस्ट
गंगा दशहरा के दिन 10 की संख्या का विशेष महत्व माना गया है. यदि आप अपनी मानसिक शांति और भाग्य को मजबूत करना चाहते हैं, तो इस दिन इन 10 चीजों को अपनी दान की लिस्ट में जरूर शामिल करें:

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1. जल (Water)
गर्मी के इस मौसम में राहगीरों और जरूरतमंदों को शीतल जल पिलाना या पानी से भरा घड़ा (मटका) दान करना सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है.  इससे कुंडली में चंद्रमा और सूर्य की स्थिति मजबूत होती है. 

2. अन्न (Food Grains)
किसी भूखे या जरूरतमंद व्यक्ति को अन्न दान (जैसे चावल, गेहूं या सीधा) करने से घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती. 

3. फल (Fruits)
मौसम के फल, विशेषकर रसीले फल जैसे आम, तरबूज या खरबूजा दान करना स्वास्थ्य के लिए शुभ माना जाता है. यह दान आपके जीवन में मिठास और खुशहाली लाता है.

4. वस्त्र (Clothes)
सच्चे मन से किसी गरीब या ब्राह्मण को नए और स्वच्छ वस्त्रों का दान करें. वस्त्र दान करने से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है.

5. छाता (Umbrella)
ज्येष्ठ मास की चिलचिलाती धूप और गर्मी से बचाने के लिए छाते का दान करना बेहद कल्याणकारी माना गया है. इससे जीवन में आने वाले संकटों से रक्षा होती है. 

6. पंखा (Fan)
हाथ का पंखा (बिजना) या कोई भी पंखा दान करने से पितर प्रसन्न होते हैं. मान्यता है कि इससे घर का क्लेश शांत होता है, परिवार में मानसिक शांति आती है.

7. जूता या चप्पल (Footwear)
धूप में नंगे पैर चलने वाले किसी जरूरतमंद को जूते या चप्पल दान करने से राहु-केतु के दोष शांत होते हैं , जीवन की राह आसान होती है.

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8. सुहाग सामग्री या घी 
पूजा में इस्तेमाल होने वाला शुद्ध देसी घी या सुहागिन महिलाओं को सुहाग की सामग्री दान करने से घर की सुख-समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है. 

9. सत्तू (Sattu)
गर्मी के दिनों में सत्तू का दान सेहत और आध्यात्मिकता दोनों के लिहाज से उत्तम माना गया है. इसका दान करने से ग्रह दोष दूर होते हैं. 

10. दक्षिणा (Money/Charity)
ऊपर दी गई किसी भी सामग्री के साथ अपनी श्रद्धा के अनुसार कुछ सिक्के या धन (दक्षिणा) का दान अवश्य करें. बिना दक्षिणा के कोई भी दान अधूरा माना जाता है. 

गंगा दशहरा का विशेष नियम:
स्कंद पुराण और शास्त्रों के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन पूजा और दान में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की संख्या भी संभव हो तो 10 रखनी चाहिए (जैसे 10 फल, 10 दीपक या 10 ब्राह्मणों को दान).  दान हमेशा अपनी क्षमता के अनुसार, शांत मन से और बिना किसी अहंकार के पूरी श्रद्धा के साथ करना चाहिए. 

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