वरुण ग्रोवर ने सुनाई गैंग्स ऑफ वासेपुर के 'वुमनिया' की दिलचस्प कहानी

जाने माने स्टैंड अप कॉमेडियन और पटकथा लेखक वरुण ग्रोवर ने साहित्य आजतक के मंच पर अनुराग कश्यप से मुलाकात और गैंग्स ऑफ वासेपुर के गीत लिखने के अनुभव साझा किए. बताया कि उन्होंने स्क्रिप्ट पढ़कर 'वुमनिया' सॉन्ग शादी के लिए लिखा था लेकिन वो फिल्म में दूसरी जगह फिट हुआ.

साहित्य आजतक के मंच पर वरुण ग्रोवर ने सुनाई दिलचस्प कहानियां
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 7:52 AM IST

  • वुमनिया गाना लिखे जाने और उसके शूट होने की पूरी कहानी
  • अनुराग कश्यप जैसे बहुत कम लोग मुंबई में होते हैं-वरुण ग्रोवर

जाने माने स्टैंड अप कॉमेडियन और पटकथा लेखक वरुण ग्रोवर ने साहित्य आजतक के मंच से बेरोजगारी, वर्तमान राजनीति, युवाओं की सोच और बनारस के हाल पर व्यंग्य किए. इसके अलावा मुंबई में अनुराग कश्यप से मुलाकात और गैंग्स ऑफ वासेपुर के गीत लिखने के अनुभव साझा किए. बताया कि उन्होंने स्क्रिप्ट पढ़कर 'वुमनिया' सॉन्ग शादी के लिए लिखा था, लेकिन वो फिल्म में दूसरी जगह फिट हुआ. अनुराग कश्यप के साथ जुड़ने की कहानी बताते हुए वरुण ग्रोवर ने कहा कि अनुराग कश्यप जैसे बहुत कम लोग मुंबई में हैं. पहली बार गाना लेकर मैं उनके पास पहुंचा. मैंने बोला कि मैं गाना लिखना चाहता हूं. उन्होंने बोला कि अभी इस फिल्म में किसी गाने की जरूरत नहीं है. लेकिन मैंने बोला कि कहीं जहां भी इसके लिए जगह बनती हो वहां गाना डाल दीजिएगा. इसके बाद अनुराग कश्यप ने कहा कि तुम आकर फिल्म देखो. फिर देखेंगे कि कहां गाना फिट हो सकता है, और यहीं से वरुण ग्रोवर और अनुराग कश्यप के बीच काम करने के सफर की शुरुआत हुई.

साहित्य आजतक में रजिस्ट्रेशन के लिए यहां क्लिक करें वरुण ग्रोवर ने बताया कि अनुराग कश्यप को उन पर बहुत भरोसा था. उन्होंने बताया कि अनुराग कश्यप ने मुझे ऐसे समय काम दिया जब मेरे पास मुंबई में कोई काम नहीं था. गैंग्स ऑफ वासेपुर के लिए गाने लिखने के सवाल पर वरुण ग्रोवर ने पूरी कहानी सुनाई. उन्होंने बताया कि गाना लिखते हुए दो चीजें सोचता हूं कि या तो गाना बढ़िया हो सकता है या बहुत बुरा. वुमनिया गाना लिखने के बारे में बताते हुए वरुण ग्रोवर ने कहा कि हमने फिल्म के लिए गाना लिखना शुरू किया और बताया कि कौन सा गाना कहां डालेंगे. गैंग्स ऑफ वासेपुर में कौन सा गाना कहां डाला जाना है, हम इस पूरी बातचीत करते थे. हमने बताया कि फिल्म में कहां शादी के लिए गाना डालना और कहां सेलेब्रेशन वाले गाने डाले जाने चाहिए. वुमनिया गाना बनारस में शूट होना था. अनुराग कश्यप ने बुलाया कि आ जाओ बनारस. सबसे पहले इसी गाने को शूट होना है. मैं किसी काम से फंसा रह गया और बनारस नहीं पहुंच पाया.

साहित्य आजतक की पूरी कवरेज यहां देखें वरुण ग्रोवर ने बताया कि मैं वुमनिया गाने की शूटिंग में नहीं पहुंच पाया. बाद में मुझे पता चला कि वुमनिया गाना शूट तो हुआ है, लेकिन जिस मौके के लिए उस गाने को लिखा था वहां उसकी शूटिंग नहीं हुई थी. फोन पर किसी ने मुझे बताया कि किसी हैंड पम्प के पास उस गाने को शूट कर लिया गया है. इधर सरदार खान जा रहा है और उधर से बंगालन आ रही है, इसी सीन के लिए इस गाने को शूट किया गया है. कुल मिलाकर अनुराग कश्यप बहुत खेलते हैं.उन्हें पता होता है कि किस चीज को कहां डालना है.

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