साहित्य आजतक 2019: आशुतोष राणा जल्द लेकर आ रहे हैं 'रामराज्य', बताया क्या है अयोध्या का मतलब

2019 साहित्य आजतक:  एक्टर आशुतोष राणा ने बताया कि वे अगले साल मकर संक्रांति के दिन अपनी दूसरी किताब रामराज्य को लॉन्च करेंगे. इस कथात्मक रामायण में आशुतोष राणा रामराज्य को अपने विचारों में बताएंगे.

साहित्य आजतक: Chandradeep Kumar
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 7:31 AM IST

'साहित्य आजतक 2019' के दूसरे दिन बॉलीवुड एक्टर आशुतोष राणा ने शिरकत की. उन्होंने कार्यक्रम में अपनी पहली किताब 'मौन मुस्कान की मार' के हास्य व्यंग्य पढ़े. आशुतोष राणा ने बताया कि वे अगले साल मकर संक्रांति के दिन अपनी दूसरी किताब रामराज्य को लॉन्च करेंगे. इस कथात्मक रामायण में आशुतोष राणा रामराज्य को अपने विचारों में बताएंगे.आशुतोष राणा ने अपनी किताब 'मौन मुस्कान की मार' में राम का जिक्र किया है. रामराज्य पर वे क्या सोचते हैं इसपर उन्होंने कहा- ''हम सब कहीं ना कहीं रामलीला देखकर या रामायण पढ़कर बड़े हुए हैं. राम हमारे मन, चिंतन, चरित्र सब में हैं. राम संस्कृति भी है सभ्यता भी है. रामराज्य में मैं अपना दृष्टिकोण बताऊंगा. कहीं ऐसा तो नहीं जो बातें रामायण में तुलसीदास और वाल्मीकि ने लिखी हैं वो हम कुछ और समझें हैं बल्कि वो कुछ और ही कहना चाहते थे.''

साहित्य आजतक की पूरी कवरेज यहां देखें

क्या है अयोध्या का मतलब?आशुतोष राणा ने अयोध्या का मतलब बताते हुए कहा- ''राम का शाब्दिक मतलब होता है रोम रोम में प्रकाशित होने वाली चेतना. हमारे और आपके रोम रोम में राम प्रकाशित हो रहे हैं तो ये देह अयोध्या है. क्योंकि अयोध्या वहां होती है जहां राम होते हैं. राम का अर्थ अगर रोम रोम में प्रकाशित होने वाली चेतना है तो हम और आप सब अयोध्या हैं. ''

साहित्य आजतक में रजिस्ट्रेशन के लिए यहां क्लिक करें

''अयोध्या का मतलब होता है जहां युद्ध ना हो, जिसे युद्ध में जीता ना जा सके. हम अगर चलती फिरती अयोध्या हैं तो फिर युद्ध की आवश्कता नहीं है. तो आप और हमें कोई जीत नहीं सकता. ''

Read more!

RECOMMENDED