अब बस अड्डे पर बिना किसी हिचक के ब्रेस्ट फीड करवा सकेंगी महिलाएं

नवजात बच्चे के साथ सार्वजनिक जगहों पर जाना या फिर सफर करना आज भी भारतीय महिलाओं के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.

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aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 जुलाई 2015,
  • अपडेटेड 6:20 PM IST

नवजात बच्चे के साथ सार्वजनिक जगहों पर जाना या फिर सफर करना आज भी भारतीय महिलाओं के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है. बच्चे को हर थोड़े-थोड़े वक्त पर भूख लगती है और हर बार मां के लिए उसे ब्रेस्ट फीड करवा पाना संभव नहीं होता. कई बार महिलाएं झिझक की वजह से भी बच्चे को दूध नहीं पिला पाती हैं.

महिलाओं की इस परेशानी को समझते हुए तमिलनाडु के बस अड्डों पर अब ब्रेस्ट फीड के लिए अलग कमरों की व्यवस्था की जाएगी. मुख्यमंत्री जयललिता ने शुक्रवार को राज्य परिवहन निगम और नगर निगम द्वारा संचालित बस अड्डों पर इन स्पेशल कमरों का इंतजाम करने के लिए कहा है.

जयललिता ने कहा कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान इसकी शुरुआत की जाएगी. इससे बस अड्डे पर बस के इंतजार में खड़ी महिलाओं के लिए काफी सुविधा हो जाएगी. मां का दूध नवजात बच्चे के लिए वरदान होता है. मां के दूध में कई ऐसे तत्व होते हैं जो बच्चे को कई गंभीर बीमारियों से बचाने के साथ ही उसके इम्यून सिस्टम को भी अच्छा रखते हैं.

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