हर साल 8 लाख लोग करते हैं सुसाइड, नौजवानों की संख्या सबसे ज्यादा

हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति आत्महत्या के कारण अपनी जान गंवाता है. ये आंकड़े वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाजशन की एक रिपोर्ट पर आधारित हैं.

प्रतिकात्मक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 10:58 AM IST

जीवन कुदरत की बनाई सबसे खूबसूरत चीज है, इसके बावजूद इंसान इसे खत्म करने पर तुला हुआ है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरी दुनिया में हर साल करीब आठ लाख लोग खुदकुशी करते हैं. हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति आत्महत्या के कारण अपनी जान गंवाता है. ये आंकड़े वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की एक रिपोर्ट पर आधारित हैं.

सुसाइड करने में नौजवान सबसे आगे

हर साल मौत को गले लगाने वाले लाखों लोग कई कारणों से आत्महत्या करते हैं. पूरी दुनिया में होने वाले इन सुसाइड की वजह से न सिर्फ एक परिवार बल्कि एक समुदाय और पूरा देश प्रभावित होता है. रिपोर्ट के अनुसार साल 2016 में खुदकुशी करने वाले ज्यादातर लोगों की उम्र 15 से 29 बताई गई थी.

आर्थिक तंगी के कारण खुदकुशी

आपको जानकार हैरानी होगी कि खुदकुशी करने वाले ज्यादातर लोग लो एंड मिडिल इनकम देशों से ताल्लुक रखते हैं. यानी जिन देशों में लोगों की प्रतिव्यक्ति आय बहुत ज्यादा कम है, वहां खुदकुशी के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं. खुदकुशी करने वाले इस वर्ग के लोगों की तादाद 79 प्रतिशत है. खुदकुशी करने वाले लोगों की संख्या पूरी दुनिया में युद्ध और नरसंहार में मारे गए लोगों से भी कहीं ज्यादा है.

सुसाइड के तरीके

खुदकुशी करने वाले लोग मौत को गले लगाने के लिए अलग-अलग रास्ते लताशते हैं. लेकिन ज्यादातर मामलों में सुसाइड के तीन तरीके देखने को मिलते हैं. सुसाइड करने के लिए ज्यादातर लोग जहरीले पदार्थ, फांसी या बंदूक का इस्तेमाल करते हैं.

इन देशों में सुसाइड के मामले अधिक

पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा सुसाइड के मामले साउथ-ईस्ट एशिया से सामने आते हैं. यहां करीब 12 प्रतिशत से ज्यादा लोगों की मौत सुसाइड की वजह से होती है. यूरोप में भी सुसाइड के मामले कुछ कम नहीं है, लेकिन यहां सुसाइड करने वाले पुरुषों की संख्या बाकी देशों मुकाबले काफी अधिक है.

Read more!

RECOMMENDED