इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, डायबिटीज में ऐसे रखें खुद का ख्याल

पूरे विश्व में डायबिटीज के मरीज बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं और इस मामले में भारत दूसरे नंबर पर है.

प्रतीकात्मक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 14 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 1:22 PM IST

14 नवंबर को World Diabetes Day मनाया जाता है. पूरे विश्व में डायबिटीज के मरीज बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं और इस मामले में भारत दूसरे नंबर पर है. डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिस पर कंट्रोल न किया गया तो ये इंसान को अंदर से बिल्कुल खोखला कर देती है. डायबिटीज कमजोर मेटाबॉलिज्म के कारण होती है जिसकी वजह से शरीर में सही मात्रा में इंसुलिन बनना बंद हो जाता है.

डायबिटीज के लक्षण

- बार-बार भूख और प्यास लगना

- जल्दी-जल्दी पेशाब जाना

- सिर दर्द और दूसरे दर्द होना

- थकान महसूस होना

- वजन कम होना

- ध्यान केंद्रित करने में परेशानी

- धुंधला दिखाई देना

- स्किन इंफेक्शन

- घाव भरने में देरी

- पेट की दिक्कतें

- किडनी को नुकसान

- पैरों में घाव

इन बातों का रखें ख्याल

डायबिटीज के 3 टाइप होते हैं, डायबिटीज टाइप -1, डायबिटीज टाइप -2, डायबिटीज टाइप 3-सी. डायबिटीज होने पर शरीर कमजोर होने लगता है और नींद भी सही से नहीं आती है. डायबिटीज के मरीजों कों कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए.

ब्रेकफास्ट जरूर करें

डायबिटीज के मरीजों के लिए सुबह का ब्रेकफास्ट सबसे ज्यादा जरूरी होता है. ब्रेकफास्ट न करने से लोग दोपहर के समय जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं, जिस कारण ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने के साथ वजन भी बढ़ने लगता है.

कैलोरी का रखें ध्यान

डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट का खास ख्याल रखने की सलाह दी जाती है. टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रही महिलाओं को 1200 से 1800 और पुरुषों को 1400 से 2000 तक ही कैलोरीज का सेवन रोज करना चाहिए.

फाइबर का अधिक सेवन करें

फाइबर के सेवन से वजन कंट्रोल में रहने के साथ डाइजेशन भी बेहतर होता है साथ ही ब्लड शुगर का लेवल भी कम होता है. इस बात की पुष्टि कई स्टडी में की गई है.

खाली पेट न रहें

डायबिटीज के मरीजों को थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ हल्का खाते रहना चाहिए. एक साथ ज्यादा मात्रा में किसी भी चीज का सेवन करने से ब्लड शुगर का स्तर बढ़ सकता है. लेकिन कम मात्रा में हल्की चीजों का सेवन करने से ब्लड शुगर का लेवल कंट्रोल में रहता है.

खूब पानी पिएं

डायबिटीज के मरीजों को खूब पानी पीने की सलाह दी जाती है. पानी शुगर की ज्यादा मात्रा को यूरिन के जरिए बाहर करता है जिससे बॉडी में डीहाइड्रेशन नहीं होता.

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