यूनिसेफ: बच्चों को सेहतमंद रखेगा 20 रु. में मिलने वाला पौष्टिक खाना

यूनिसेफ का कहना है कि 20 रुपये से कम कीमत पर मिलने वाले ऐसे पौष्टिक खाने से बच्चे मोटापे, अंडरवेट और अनीमिया से जुड़ी समस्याओं का शिकार नहीं होंगे.

प्रतीकात्मक तस्वीर
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 18 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:05 AM IST

बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के मद्देनजर यूनिसेफ ने एक किताब निकाली है. इस किताब में बच्चों को सेहतमंद रखने के लिए पनीर काठी रोल, उत्पम और अंकुरित दाल का पराठा खाने की सलाह दी गई है. 20 रुपये से कम कीमत पर मिलने वाले ऐसे पौष्टिक खाने से बच्चे मोटापे, अंडरवेट और अनीमिया से जुड़ी समस्याओं का शिकार नहीं होंगे.

यह किताब नेशनल न्यूट्रीशन सर्वे 2016-18 के नतीजों पर आधारित है, जिसमें बताया गया है कि 5 साल से कम उम्र के 35 फीसदी बच्चे कमजोर, 17 फीसदी बच्चे मोटापे से ग्रस्त और 33 फीसदी बच्चे अंडरवेट जैसी समस्याओं से घिरे हुए हैं. इसमें 40 प्रतिशत लड़कियां और 18 प्रतिशत लड़के एनीमिया के शिकार पाए गए थे.

इस रिपोर्ट के अनुसार स्कूली बच्चों और किशोरों में मोटापा बढ़ने की वजह से उनमें डायबीटीज जैसे गैर-संक्रामक रोगों का खतरा भी पहले से ज्यादा बढ़ गया है. 28 पेज की इस किताब में ताजा तैयार की गई डिश को बनाने की रेसिपी और उसमें आने वाले कुल खर्च का भी ब्यौरा दिया गया है.

कैसे कम होगा वजन?

किताब में बताया गया है कि कम वजन की समस्या से निपटने के लिए भरवां आलू पराठा, पनीर काठी रोल और साबूदाना कटलेट जैसी डिश अच्छी होती हैं. मोटापा दूर करने के लिए अंकुरित दाल के पराठे, पोहा और सब्जियां भी अच्छी मानी जाती हैं. इसमें सभी डिश में कैलरी की मात्रा के अलावा प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, फाइबर, आयरन, विटमिन सी और कैल्शियम की मात्रा की जानकारियां दी गई है.

यूनिसेफ प्रमुख हेनरीटा एच. फोर का कहना है कि इस किताब का मकसद लोगों को पौष्टिक खाने के बारे में जागरूक करना है. स्कूलों के पाठ्यक्रम में भी इसे जोड़ना चाहिए. क्षेत्रीय भाषाओं में इसका अनुवाद होने से इसे लोगों तक पहुंचाना आसान हो जाएगा.

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