उत्तराखंडः श्राइन बोर्ड पर सदन में विपक्ष, सड़क पर पंडा समाज का हंगामा

उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन हंगामेदार रहा. श्राइन बोर्ड विधेयक के मुद्दे पर विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा किया, जिससे प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं चल सकी और इसे स्थगित करना पड़ा. वहीं इस बिल के विरोध में पंडा समाज भी सड़क पर उतर आया है.

उत्तराखंड विधानसभा भवन (फोटोः एएनआई)
दिलीप सिंह राठौड़
  • देहरादून,
  • 09 दिसंबर 2019,
  • अपडेटेड 11:13 PM IST

  • तीन बार स्थगित हुई विधानसभा की कार्यवाही
  • पंडा समाज ने किया विधानसभा का घेराव

उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र का चौथा दिन हंगामेदार रहा. श्राइन बोर्ड विधेयक के मुद्दे पर विपक्ष ने सदन में जोरदार हंगामा किया, जिससे प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं चल सकी और इसे स्थगित करना पड़ा. वहीं इस बिल के विरोध में पंडा समाज भी सड़क पर उतर आया है. विपक्षी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर सरकार ने विपक्ष को विश्वास में नहीं लिया, विपक्ष से किसी भी तरह की कोई चर्चा नहीं की.

जोरदार हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी. नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश और उपनेता करण माहरा ने सरकार पर जोरदार हमला किया, तो वहीं सरकार ने विपक्ष पर चर्चा से भागने और सदन की कार्यवाही में अनावश्यक रूप से व्यवधान डालने का आरोप लगाया. विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार बिना किसी चर्चा के यह बिल पास कराना चाहती है.

वेल में आए कांग्रेसी विधायक

विपक्षी विधायकों ने श्राइन बोर्ड विधेयक के विरोध में सदन में भजन गाए और सरकार पर इस विधेयक को चुपके से पास कराने की कोशिश का आरोप लगाते हुए वेल में आकर हंगामा किया. केदारनाथ से कांग्रेस के विधायक मनोज रावत ने कहा कि सरकार श्राइन बोर्ड के माध्यम से चारों धामों की पूजा पद्धति को खत्म करना चाहती है. किसी को विश्वास में नहीं लिया जा रहा. वहीं नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने कहा कि कार्य मंत्रणा की बैठक में भी श्राइन बोर्ड का मामला नहीं आया और न ही इस पर कोई चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि तीर्थ पुरोहित परेशान हैं, सरकार ने यह बिल किसी के सामने नहीं रखा. इस पर चर्चा की जानी चाहिए थी.

पुलिस के साथ पंडों की नोकझोंक

श्राइन बोर्ड बिल के खिलाफ पंडा समाज के लोग भी सड़क पर उतर आए और विधानसभा कूच किया. पंडा समाज के लोगों ने विधानसभा का घेराव किया. इस दौरान इनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई. पंडा समाज के लोगों का कहना है कि सरकार कह रही है, समाज के लोगों से बात की गई है. यह सरासर झूठ है. श्राइन बोर्ड के मसले पर हमसे किसी भी तरह बात नहीं की गई है. पंडा समाज ने कहा कि अगर सरकार ने हमारी आवाज अनसुनी कर सदन से विधेयक पारित कराया तो पुरोहित समाज न्यायालय जाकर अपनी लड़ाई लड़ेगा.

Read more!

RECOMMENDED