भीम आर्मी के प्रस्ताव को मायावती ने ठुकराया, एक मंच पर आने से इनकार

बीएसपी प्रमुख मायावती ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. भीम आर्मी चीफ ने मायावती से एक मंच पर आने की अपील की थी. चंद्रशेखर ने मायावती को चिठ्ठी लिख सत्तारूढ़ बीजेपी से लड़ने के लिए एक साथ आने का प्रस्ताव भेजा था.

बीएसपी प्रमुख मायावती (फाइल फोटो- Aajtak)
शिवेंद्र श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 08 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:29 AM IST

  • चंद्रशेखर की अपील को मायावती ने किया रिजेक्ट
  • भीम आर्मी प्रमुख ने चिठ्ठी भेज की थी साथ आने की अपील

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है. भीम आर्मी चीफ ने मायावती से एक मंच पर आने की अपील की थी. चंद्रशेखर ने मायावती को चिठ्ठी लिख सत्तारूढ़ बीजेपी से लड़ने के लिए एक साथ आने का प्रस्ताव भेजा था, जिसे मायावती ने अस्वीकार कर दिया.  

चंद्रशेखर ने मायावती को 4 पन्ने की चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने बताया कि देश में साम्प्रदायिक-जातिवादी शक्तियों का बोलबाला बढ़ रहा है. उन्होंने लिखा, '2014 से 2019 के बीच बीजेपी की ताकत बढ़ी है. दक्षिण भारत को छोड़कर लगभग बाकी सभी ओर बीजेपी का दबदबा मजबूत हुआ है. बहुजन आंदोलन के लिए सबसे मजबूत गढ़ उत्तर प्रदेश में भी बीजेपी की वापसी हुई है.'

उन्होंने लिखा कि बहुजन समाज के लिए यह कठिन दौर है. बीजेपी के शासन में बहुजन समाज पर अत्याचार बढ़ा है उसके अधिकार छीने गए हैं.

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर ने लिखा,'आरक्षण पर लगातार हमले हो रहे हैं. इन वर्गों को दिए गए संवैधानिक और कानूनी संरक्षण को छीनने की कोशिशें भी लगातार जारी है. ऐसे में बीजेपी का मुकाबला करने के लिए देश जिन शक्तियों और विचारों की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहा है, उनमें बहुजन विचारधारा प्रमुख है.'

बहुजन विचारधारा को दिलाया याद

चंद्रशेखर ने मायावती को भेजी चिट्ठी में लिखा, 'बहुजन विचारधारा को आगे बढ़ाने में बड़ा योगदान कांशीराम का है. उन्होंने बहुजनों को शासक बनने का सपना दिखाया. उन सपनों को साकार करने का रास्ता भी बताया. उनके समय में बीएसपी ताकतवर बनी. बहुजन आंदोलन मजबूत हुआ. उनके सहयोगियों की टीम के सदस्य के रूप में आपका (मायावती)  भी महत्वपूर्ण योगदान था.'

हालांकि, बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने साफ कर दिया है कि उनका चंद्रशेखर के साथ कोई संबंध नहीं है.

गौरतलब है कि यूपी के सहारनपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले चंद्रशेखर और बीएसपी सुप्रीमो के बीच संबंध अच्छे नहीं है. हालांकि, कई बार चंद्रशेखर उन्हें बुआ कहकर बुलाते हैं, लेकिन बुआ कहे जाने पर मायावती ने साफ कर दिया था कि उनका चंद्रशेखर के साथ कोई संबंध नहीं है.

वहीं, चंद्रशेखर, मायावती को प्रधानमंत्री के रूप में देखने की इच्छा भी जाहिर कर चुके हैं, जबकि मायावती, चंद्रशेखर पर बीजेपी की कठपुतली होने का आरोप लगाती रही हैं.

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