डॉक्टरों संग मारपीट से हड़ताल तक, जानिए बंगाल में अब तक क्या-क्या हुआ

हड़ताल कर रहे डॉक्टरों पर सख्त रूख दिखाने वालीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बैकफुट पर आने, घायल चिकित्सक को देखने अस्पताल जाने की खबर आई. उतार-चढ़ाव भरे दिन में कई दफे दृश्य बदला और शाम ढलते-ढलते मुख्यमंत्री ने अस्पताल न जाकर स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और अन्य उच्चाधिकारियों के साथ आपात बैठक बुला ली.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 जून 2019,
  • अपडेटेड 7:08 PM IST

पश्चिम बंगाल में रेजिडेंट डॉक्टर के साथ मारपीट के बाद शुरू हुई हड़ताल लगातार पांचवे दिन भी जारी रही. बंगाल की आंच दिल्ली तक पहुंच गई और राजधानी के एम्स, सफदरजंग हॉस्पिटल, हिंदूराव हॉस्पिटल समेत कुल 18 अस्पतालों के चिकित्सक हड़ताल पर रहे. केंद्र ने इस संबंध में राज्य को एडवाइजरी जारी की.

हड़ताल कर रहे डॉक्टरों पर सख्त रुख दिखाने वालीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बैकफुट पर आने और घायल चिकित्सक को अस्पताल देखने जाने की खबर आई. उतार-चढ़ाव भरे दिन में कई दफे दृश्य बदला और शाम ढलते-ढलते मुख्यमंत्री ने अस्पताल न जाकर स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी और अन्य उच्चाधिकारियों के साथ आपात बैठक बुला ली. दीदी की आपातकालीन बैठक में सरकार और चिकित्सकों की रार का हल निकल पाएगा, यह बड़ा सवाल है.

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में चिकित्सकों की हड़ताल का असर पूरे देश में पड़ रहा है. चिकित्सा सेवा प्रभावित हो रही है. एम्स के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन और सफदरजंग हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने पश्चिम बंगाल के डॉक्टरों के समर्थन में अपनी एक दिवसीय हड़ताल वापस ले ली. एसोसिएशन ने ममता बनर्जी को डॉक्टरों की मांगों को पूरा करने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया और कहा कि तय अवधि में मांगें पूरी नहीं हुईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करने को विवश होंगे.

एसोसिएशन ने कहा कि डॉक्टर लाल स्टेन वाले बैंडेज और हेलमेट पहनना जारी रखेंगे. डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त करने के लिए ममता बनर्जी के सामने माफी मांगने, एनआरएस अस्पताल जाकर डॉक्टरों से मिलने, हमले में जख्मी डॉक्टर परिबाह मुखर्जी को देखने जाने, एसएसकेएम अस्पताल में दिए गए बयान को वापस लेने और अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए लिखित रूप से आश्वासन देने की मांग की है.

केंद्र की एडवाइजरी, राज्यपाल ने सीएम को राजभवन बुलाया

केंद्र ने हड़ताल और उसके बाद के हालात पर राज्य सरकार को एडवाइजरी जारी करते हुए रिपोर्ट तलब की है. केंद्र की एडवाइजरी में कहा गया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए डॉक्टर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की है. पश्चिम बंगाल सरकार डॉक्टरों की हड़ताल पर एक विस्तृत रिपोर्ट जल्द भेजे. केंद्र की एडवाइजरी के बाद राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बैठक के लिए राजभवन बुलाया.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने ममता को लिखा खत

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को खत लिखकर इस संवेदनशील मसले को प्रतिष्ठा का प्रश्न न बनाने और हड़ताल समाप्त कराने की अपील की थी. हर्षवर्धन ने ममता डॉक्टरों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया और हड़ताली डॉक्टरों से भी सांकेतिक विरोध जारी रखने, लेकिन हड़ताल समाप्त करने की अपील की थी.

क्या है मामला

सोमवार को कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद भड़के तीमारदारों ने डॉक्टरों के साथ मारपीट की थी. इस घटना में कुछ डॉक्टर गंभीर रूप से घायल हो गए थे. घटना से आक्रोशित डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे. इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी पर माहौल खराब करने, हड़ताल को हवा देने का आरोप लगाते हुए डॉक्टरों से काम पर लौटने को कहा था.

ममता ने अन्यथा की स्थिति में हॉस्टल खाली कराने और डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही थी. इससे डॉक्टरों का आक्रोश और भड़क गया. आंदोलन के बीच लगभग 300 डॉक्टरों ने सेवा से इस्तीफा दे दिया है. जिसमें कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल के 175 डॉक्टरों का सामूहिक रूप से दिया इस्तीफा भी शामिल है.

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