विश्व के लिए आध्यात्मिक स्थान है भारत, यहां कई धर्मों का हुआ जन्म: मोदी

मोदी ने पुडुचेरी से करीब 6 किलोमीटर दूर स्थित टाउनशिप ऑरोविले में कहा कि विश्व के कई महान धर्मों का जन्म इस देश में हुआ और उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र के लोगों को एक आध्यात्मिक मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित किया.

ओरोविले में पीएम मोदी
अजीत तिवारी
  • ओरोविले,
  • 25 फरवरी 2018,
  • अपडेटेड 11:17 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत लंबे समय से विश्व के लिए एक आध्यात्मिक स्थान रहा है. उन्होंने कहा कि देश ने हमेशा ही विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों का परस्पर सम्मान किया है और सहअस्तित्व स्वीकार किया है.

मोदी ने पुडुचेरी से करीब 6 किलोमीटर दूर स्थित टाउनशिप ऑरोविले में कहा कि विश्व के कई महान धर्मों का जन्म इस देश में हुआ और उन्होंने जीवन के हर क्षेत्र के लोगों को एक आध्यात्मिक मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित किया.

मोदी ने यह बात ऑरोविले इंटरनेशनल टाउनशिप के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए कही. इस टाउनशिप की परिकल्पना अरविंदो की आध्यात्मिक सहयोगी और श्री अरविंदो आश्रम की ‘मां’ मीरा अलफासा द्वारा की गई थी.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जैसा कि मां द्वारा महसूस किया गया था, ऑरोविले मानव एकता को साकार करने के लिए एक सार्वभौमिक नगर बन गया है और आज बड़ी संख्या में लोगों का एकत्रित होना उस विचार को प्रतिबिंबित करता है.

'यहां कई महान धर्मों का हुआ जन्म'

मोदी ने कहा, ‘विश्व के कई महान धर्मों का जन्म यहां हुआ. वे जीवन के हर क्षेत्र के लोगों को एक आध्यात्मिक मार्ग अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं. भारत के आध्यात्मिक नेतृत्व की अरविंदो की दृष्टि हमें आज भी प्रेरित करती है, वास्तव में अरविंदो उस दृष्टि के प्रतीक हैं.’

उन्होंने कहा कि गत पांच दशकों में ओरोविल सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, आर्थिक और आध्यात्मिक नवोन्मेष का केंद्र रहा है. मोदी ने कहा कि ओरोविल सीमा और पहचान से परे पुरूष और महिलाओं, युवा और वृद्धों को स्वयं ‘दिव्य मां’ द्वारा लिखे चार्टर के तहत लाया है.

उन्होंने कहा, 'यह पूरी मानवता का है और यह हमारे प्राचीन सिद्धांत वसुधैव कुटुम्बकम् का प्रतिबिंब है कि विश्व एक परिवार है.' मोदी ने इस बात का उल्लेख किया कि ऑरोविले का उद्घाटन 1968 में 124 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुआ था.

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